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व्यावसायिक गैस की आपूर्ति बंद होते ही घरेलू उपभोक्ताओं में बढ़ी चिंता, गैस एजेंसियों के बाहर भीड़

 

व्यावसायिक एलपीजी आपूर्ति बंद होने से प्रदेश में घरेलू गैस को लेकर घबराहट बढ़ी। गैस एजेंसियों पर भीड़ लगी, बुकिंग सिस्टम क्रैश हुआ। सरकार ने पर्याप्त …और पढ़ें

व्यावसायिक गैस की आपूर्ति बंद होते ही घरेलू उपभोक्ताओं में बढ़ी चिंता, गैस एजेंसियों के बाहर भीड़

घरेलू रसोई गैस को लेकर लोगों में चिंता। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. व्यावसायिक एलपीजी आपूर्ति बंद होने से चिंता बढ़ी।
  2. गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भीड़ और हंगामा।
  3. बढ़ी मांग से कई शहरों में बुकिंग सिस्टम क्रैश।

भोपाल। प्रदेश में व्यावसायिक एलपीजी गैस की आपूर्ति बंद होने के बाद घरेलू रसोई गैस को लेकर लोगों की चिंता बढ़ने लगी है। राज्य के कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की भीड़ दिखाई दे रही है। लोग आशंका के चलते जल्दी-जल्दी सिलेंडर बुक कराने की कोशिश कर रहे हैं, जिसके कारण कई जगह गैस बुकिंग का ऑनलाइन सिस्टम भी क्रैश हो गया।

हालांकि शासन और प्रशासन लगातार यह भरोसा दिला रहे हैं कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की आपूर्ति जारी रहेगी और किसी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी, लेकिन लोगों में अनिश्चितता के कारण घबराहट का माहौल बना हुआ है।

 

एजेंसियों पर बढ़ी भीड़, उपभोक्ता परेशान

इंदौर सहित प्रदेश के कई शहरों में गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। कई उपभोक्ता ऐसे भी हैं जिन्होंने करीब डेढ़ सप्ताह पहले ही गैस सिलेंडर बुक कराया था, लेकिन अब तक उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पाया है। इसके चलते लोग एजेंसियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। बुधवार को कई स्थानों पर उपभोक्ताओं ने एजेंसियों पर नाराजगी भी जताई और हंगामे की स्थिति बन गई।

होटल और कैटरर्स वैकल्पिक व्यवस्था की तलाश में

व्यावसायिक गैस की सप्लाई बंद होने का असर होटल, रेस्त्रां, हॉस्टल और बड़े कैटरिंग व्यवसाय पर भी पड़ने लगा है। कई संचालक अब वैकल्पिक ईंधन के विकल्प तलाश रहे हैं। कैटरर्स एसोसिएशन ने शादियों और बड़े आयोजनों में बनने वाले पकवानों की संख्या कम करने का निर्णय लिया है। बताया जा रहा है कि पहले जहां एक शादी समारोह में करीब 150 प्रकार के व्यंजन बनाए जाते थे, वहीं अब इनकी संख्या घटाकर सीमित रखने की तैयारी की जा रही है।

भोपाल में बुकिंग सिस्टम क्रैश, प्रशासन का दावा

राजधानी भोपाल में भी गैस बुकिंग के लिए अचानक बढ़ी मांग के कारण सिस्टम क्रैश हो गया, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि जिला प्रशासन का कहना है कि भोपाल जिले में करीब 3200 मीट्रिक टन एलपीजी गैस का भंडारण मौजूद है और आपूर्ति की स्थिति सामान्य है। इसके बावजूद कई उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है।

कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के निर्देश

प्रदेश सरकार ने गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए सभी जिला कलेक्टरों को सख्त निर्देश दिए हैं। सरकार ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी स्तर पर एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी या कालाबाजारी की स्थिति बनने नहीं दी जाएगी। अधिकारियों को नियमित रूप से गैस वितरण की निगरानी करने और आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला स्तर पर नियमित समीक्षा बैठक के निर्देश

राज्य सरकार ने कलेक्टरों से कहा है कि वे जिला स्तर पर खाद्य विभाग, तेल कंपनियों के अधिकारियों और एलपीजी वितरकों के साथ नियमित बैठक करें। इन बैठकों में घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की उपलब्धता की समीक्षा की जाएगी। साथ ही बड़े वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के साथ भी चर्चा कर उन्हें उपलब्ध स्टॉक का विवेकपूर्ण उपयोग करने और वैकल्पिक ईंधन स्रोतों का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाएगी।

25 दिन बाद ही होगी रिफिल बुकिंग

  • खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं को नियमित गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए वितरण प्रणाली में कुछ बदलाव किए गए हैं। अब उपभोक्ता पिछली डिलीवरी के 25 दिन बाद ही नए सिलेंडर की बुकिंग कर सकेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य कालाबाजारी रोकना और सभी उपभोक्ताओं तक गैस की समान उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
  • मंत्री ने यह भी बताया कि वर्तमान परिस्थितियों में चिकित्सालयों और शैक्षणिक संस्थानों को छोड़कर अन्य वाणिज्यिक उपभोक्ताओं जैसे होटल, मॉल, उद्योग और फैक्ट्रियों को फिलहाल व्यावसायिक एलपीजी की आपूर्ति नहीं की जाएगी। सरकार का दावा है कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
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