भोपाल। राजधानी भोपाल का गौरव कहे जाने वाले भेल (BHEL) क्षेत्र के खाली और जर्जर मकान इन दिनों गोविंदपुरा पुलिस और स्थानीय रहवासियों के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बन चुके हैं। सुरक्षा और कानून व्यवस्था के मोर्चे पर गंभीर खतरा देखते हुए गोविंदपुरा थाना पुलिस ने भेल प्रबंधन को एक बेहद कड़ा और चेतावनी भरा पत्र लिखा है।
पुलिस ने साफ कर दिया है कि यदि भविष्य में इन खंडहरों के गिरने, वहां पनप रहे अपराधियों या अवैध बिजली कनेक्शन के कारण किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति का नुकसान होता है, तो इसकी पूरी जवाबदेही भेल प्रबंधन की होगी।
नशाखोरी, अवैध कब्जे और बिजली चोरी बनी समस्या
गोविंदपुरा थाना पुलिस द्वारा भेल प्रबंधन को भेजे गए पत्र में क्षेत्र की जमीनी हकीकत का चौंकाने वाला ब्यौरा दिया गया है:
अपराधियों की सुरक्षित पनाहगाह: लंबे समय से खाली पड़े ये जर्जर क्वार्टर्स अब अवैध गतिविधियों, नशाखोरी और संदिग्ध लोगों के छिपने का ठिकाना बन गए हैं।
बढ़ रहा अतिक्रमण : पिछले 2-3 वर्षों में भेल की जमीनों पर कब्जा करने का खेल तेजी से बढ़ा है। इंद्रानगर, कालीबाड़ी झुग्गी बस्ती, आईटीआई, सिक्योरिटी लाइन और नेहरू मार्केट जैसे इलाकों में खाली पड़े मकानों पर भू-माफिया और अवैध कब्जाधारी हावी हो रहे हैं।
बिजली की चोरी : इन खंडहरों में रहने वाले लोग मुख्य लाइनों से अवैध रूप से बिजली का कनेक्शन (कटिया) ले रहे हैं। इसके कारण हर वक्त शॉर्ट सर्किट और बड़े हादसों की आशंका बनी रहती है।
पूर्व में हो चुकी है मौत, फिर भी फाइल दबाकर बैठा है प्रबंधन
गोविंदपुरा थाना प्रभारी अवधेश सिंह तोमर के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए भेल प्रबंधन को पहले भी 3-4 बार आधिकारिक पत्र भेजे जा चुके हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और भेल के आला अफसरों के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठकों में इन जर्जर मकानों को तोड़ने और सुरक्षा बढ़ाने पर सहमति भी बनी थी, लेकिन प्रबंधन की कछुआ चाल के कारण यह महत्वपूर्ण फाइल टेबल के नीचे दबकर रह गई।
थाना प्रभारी ने याद दिलाया कि अवैध बिजली कनेक्शन के कारण पूर्व में अन्ना नगर क्षेत्र में मौत की एक दर्दनाक घटना हो चुकी है। इसके बावजूद प्रबंधन किसी बड़े हादसे के इंतजार में हाथ पर हाथ धरे बैठा है।




