भोपाल। रसोई गैस की उपलब्धता के सरकारी दावों के बीच बुकिंग का संकट खड़ा हो गया है। किल्लत की आशंका से बुकिंग के लिए ग्राहकों की संख्या में 400 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है। इसका असर यह हुआ कि बुधवार को अधिकतर गैस कंपनियों के बुकिंग का सिस्टम क्रैश हो गया। जिसका असर प्रदेश की राजधानी में भी स्पष्ट नजर आने लगा है। हालात यह निर्मित हो गए हैं कि ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई तो वहीं उपभोक्ता सिलेंडर लेकर एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं। इसके बाद भी उपभोक्ताओं को सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं।
जिला प्रशासन का खाद्य विभाग दावा कर रहा है कि 3200 मेट्रिक टन एलपीजी गैस का भंडारण उपलब्ध है, लेकिन उपभोक्ताओं को सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। जिन उपभोक्ताओं ने बुकिंग करवाई थी, उनको भी सात दिन बाद तक सिलेंडर नहीं मिले हैं। भोपाल में इंडेन, भारत गैस, एचपी की कुल 38 एजेंसिया हैं, जिन पर करीब साढ़े पांच लाख घरेलू उपभोक्ता हैं। इन्हीं एजेंसियों से करीब 40 हजार व्यावसायिक उपभोक्ताओं को सिलेंडर दिया जाता था। सोमवार के बाद से व्यावसायिक सिलेंडर की आपूर्ति बंद कर दी गई। घरेलू सिलेंडर बुकिंग की समय सीमा में बदलाव से उपभोक्ताओं में भय का माहौल बना।
नतीजा यह हुआ है प्रति गैस एजेंसी पर हर दिन जहां 500 बुकिंग की जाती थी, उसकी संख्या बढ़कर ढाई हजार पहुंच गई है। यानी केवल भोपाल में एक दिन में करीब 20 हजार सिलेंडरों की बुकिंग की जगह अब एक लाख तक बुकिंग हो रही है। यही कारण है कि ऑनलाइन सिस्टम क्रैश हो गया और उपभोक्ता न तो बुकिंग कर पा रहे हैं न ही उनको समय पर सिलेंडर मिल पा रहा है। भोपाल में सिर्फ एक सप्ताह का एलपीजी भंडार खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि भोपाल के भौंरी स्थित डिपो में 3200 मेट्रिक टन एलपीजी गैस उपलब्ध है, जबकि प्रतिदिन लगभग 450 से 500 मेट्रिक टन गैस की खपत होती है।
इस मान से भोपाल में सिर्फ एक सप्ताह एलपीजी भंडार बचा हुआ है। प्रशासन आपूर्ति बनाए रखने की तैयारी में जुटा हुआ है। 40 हजार व्यावसायिक उपभोक्ता, आपूर्ति बंद से प्रभावित शहर में करीब 40 हजार व्यावसायिक गैस सिलेंडर उपभोक्ता हैं, जिनके सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। दरअसल व्यावसायिक सिलेंडर की आपूर्ति पूरी तरह से बंद कर दी गई है। ऐसे में शहर के होटल, रेस्टोरेंट, भोजनालय, छोटे खाद्य प्रतिष्ठान सहित हॉकर्स कॉर्नर पूरी तरह से बंद हो सकते है।
वहीं एजेंसियों के पास व्यावसायिक सिलेंडर का भंडारण है। उनकी आपूर्ति सिर्फ अतिआवश्यकता होने पर शासकीय संस्थानों में की जाएगी। रेलवे की रसोई में इंडक्शन लगाने की तैयारी देशभर में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की उपलब्धता खत्म होने के बाद रेलवे की खानपान सेवा भी प्रभावित हो रही है। अब आईआरसीटीसी के पश्चिम जोन ने आंतरिक निर्देश जारी कर पेंट्री स्टाफ, कैटरिंग ठेकेदारों और होटलों से इंडक्शन आधारित कुकिंग सिस्टम की तैयारी रखने को कहा है। इससे आवश्यकता पड़ने पर गैस सिलेंडर की जगह बिजली से चलने वाले इंडक्शन चूल्हों पर भोजन बनाया जा सकेगा।
कर्मचारी बोल रहे एजेंसी पर करवाएं बुकिंग
एक उपभोक्ता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बाग दिलकुशा स्थित सतपाल गैस वितरण करने वाला वाहन चालक राजेश उपभोक्ताओं से बोल रहा है कि अपनी बुकिंग एजेंसी पर जाकर करें टोकन लें और फिर गोविंदपुरा मैदान में खड़ी रहने वाली गाड़ी से खुद सिलेंडर प्राप्त करें। इतना ही नहीं जहांगीराबाद स्थित प्रीत गैस एजेंसी पर सिलेंडर को लेकर ग्राहकों और एजेंसी संचालकों के बीच बहस की स्थिति तक बनी। कई दिनों से सिलेंडर नहीं मिलने से उपभोक्ता परेशान थे। संचालक ने एजेंसी में लटकाया ताला, लगाए पोस्टर शाहपुरा स्थित राय गैस एजेंसी में पर संचालक ने शटर में ताला लटका दिया। शटर पर लगे पोस्टरों में लिखा था कि सर्वर क्रैश होने के कारण गैस बुकिंग नहीं हो पा रही है और सर्वर ठीक होने के बाद एक-दो दिन में बुकिंग सामान्य रूप से शुरू हो जाएगी।
एक अन्य पोस्टर में यह भी उल्लेख था कि समस्या सरकारी तकनीकी सर्वर के कारण उत्पन्न हुई है। इस दौरान कई उपभोक्ता जानकारी लेने पहुंचे, लेकिन दुकान बंद होने से वापस लौट गए । खाद्य अमले ने शुरू की एजेंसी-गोदाम की जांच जिला आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि एडीएम सुमित कुमार पांडे के नेतृत्व में गठित अमले ने संत हिरदाराम नगर स्थित गुरुनानक इंडेन, कुकवेल भारत व मंशाराम कुटुमल एचपीसीएल एजेंसी औरी गोदाम की जांच की। मौके पर तीनों एजेंसी के गोदाम में आनलाइन भंडार अनुसार घरेलू गैस सिलेंडर होना पाए गए।
तीनों एजेंसी संचालकों ने बताया कि डिपो से दो दिन में घरेलू गैस सिलेंडर का लोड प्राप्त हो रहा है। दुकानदार कर रहा था घरेलू गैस से अवैध रिफिलिंग उन्होंने बताया कि शिकायत मिलने पर आशा गैस चूल्हा सेंटर प्रतिष्ठान की जांच की गई।संचालक दाऊद द्वारा घरेलू गैस सिलेंडर से गैस का अंतरण छोटे गैस सिलेंडर में रिफिलिंग की जा रही थी। इसके अलावा दुकान में अन्य जगह पर चार नग घरेलू गैस सिलेंडर रखे मिले। पांच नग घरेलू गैस सिलेंडर ( तीन भरे, दो आंशिक भरे) , एक छोटा लोकल कंपनी का गैस सिलेंडर और गैस अंतरण यंत्र( पीतल की बंशी) जब्त की गई है। संचालक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
उपभोक्ता बोले न बुकिंग हो रही न ही सिलेंडर मिल रहा
सुभाष नगर स्थित जौहर गैस एजेंसी पर बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर लेने उपभोक्ता आ रहे हैं। पिछले दो दिनों से सिलेंडर के लिए परेशान हो रहा हूं, बाद में मोबाइल एप के जरिए बुकिंग कराने के बाद एजेंसी आया तो सिलेंडर लीकेज कर रहा था, जिसे अब बदलवाया जा रहा है। भूपेंद्र सिंह, उपभोक्ता
जब मैं शाहपुरा राय एजेंसी पर गैस सिलेंडर लेने पहुंचा था तो एजेंसी पर भीड़ नहीं थी लेकिन बाद में अचानक भीड़ गई जिससे मैं वापस लौट गया।इसके बाद दोबारा से एजेंसी पर आया तो ताला लटका मिला। अंकित यादव, उपभोक्ता
हमने पिछले महीने गैस सिलेंडर की आनलाइन बुकिंग की थी जो कि अब जाकर मिला है। अब बुकिंग करने वाला नंबर पूरी तरह से बंद हो गया है। सिलेंंडर लेने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। इंदू यादव, उपभोक्ता
मैंने ऑनलाइन बुकिंग करवाने का प्रयास किया लेकिन नहीं हो सकी, जबकि पिछली बुकिंग नवंबर 2025 में करवाई थी।हेप्पी गैस एजेंसी पर पहुंचा तो दिनभर सिलेंडर मिलने का आश्वासन दिया और शाम को खाली सिलेंडर लेकर वापस लौटना पड़ा- नर्बदा प्रसाद, उपभोक्ता।
घरेलू गैस सिलेंडर की कोई किल्लत नहीं है, उपभोक्ता अफवाहों के चलते परेशान हो रहे हैं। एक दिन में जहां सैंकड़ों बुकिंग होती थी, अब वह हजारों में पहुंच गईं हैं इस वजह से सर्वर ठप हो गया है। भीकम सिंह कुश्वाह, प्रभारी छोला इंडेन गैस गोदाम।
इनका कहना है
शहर में एलपीजी गैस का पर्याप्त भंडार है किल्लत जैसी कोई समस्या नहीं है।बुकिंग व्यवस्था बहाल करवाने के लिए कंपनियों से चर्चा की जा रही है। साथ ही गोदाम, एजेंसियों का निरीक्षण भी शुरू कर दिया गया है और घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी व व्यावसायिक उपयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए टीम का गठन कर दिया गया है- सुमित कुमार पांडे, अपर कलेक्टर।




