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जबलपुर, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, सागर, देवास और उज्जैन की वायु गुणवत्ता बेहद खराब, फेफड़ों व आंखों को पहुंच रहा नुकसान

 

भोपाल। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनएसीपी) के तहत मध्य प्रदेश के सात शहरों जबलपुर, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, सागर, देवास और उज्जैन की वायु गुणवत्ता का स्तर बेहद खराब पाया गया है। इसकी मुख्य वजह उद्योगों से निकालने वाला धुआं, वाहनों से प्रदूषण और धूल के कड़ हैं, जो आमजन के फेफड़ों के साथ आंखों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

इन शहरों की वायु गुणवत्ता सुधार के लिए 15 जनवरी से प्रयास शुरू कर दिया गया है। इसके लिए जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति भी गठित की गई है, जो हर माह वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए क्या प्रयास किए इसकी समीक्षा करती है। वायु गुणवत्ता सुधार के कार्य से जुड़े विभाग, पीडब्ल्यूडी, खाद्य नागरिक आपूर्ति, परिवहन, नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मिलकर कार्य कर रहे हैं।

 

एनएसीपी के अंतर्गत हो रहे प्रयास

मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव अच्युत्य ए मिश्रा ने बताया कि पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनएसीपी) के अंतर्गत सभी शहरों को शहरी सड़कों की डिजाइन, निर्माण, रखरखाव तथा यातायात गलियारों के हरित विकास द्वारा धूल नियंत्रण उपायों के लिए मार्गदर्शन दस्तावेज़ परिचालित किया गया है, ताकि धूल-मुक्त सड़क निर्माण के लिए इसका उपयोग किया जा सके।

यह दस्तावेज भारतीय सड़क कांग्रेस (आइआरसी) के इंजीनियरिंग मानकों को पर्यावरणीय उपायों-जैसे धूल नियंत्रण, वनस्पति एवं जल निकासी प्रणाली के साथ एकीकृत करता है, ताकि संधारणीय शहरी अवसंरचना और वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार सुनिश्चित किए जा सके।

जबलपुर में डीप फोगर मशीन का इस्तेमाल

जबलपुर शहर को प्रदूषण मुक्त करने की दिशा में नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ कार्रवाई जारी है। वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए डीप फोगर मशीन प्रमुख मार्गों पर चलवाई जा रही हैं।

कलेक्ट्रेट, मालवीय चौक में मिस्ट फव्वारा लगाया गया हैं। इससे धूल के बारीक कण बैठ जाते हैं। वही रोजाना सड़क, फुटपाथ, चौराहों की जेट प्रेशर से धुलाई कराई जा रही है। निर्माण स्थलों पर ग्रीन नेट का उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा हैं। सड़क के किनारे पेवर ब्लाक लगाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

वायु गुणवत्ता में जबलपुर प्रदेश में दूसरे स्थान पर

उल्लेखनीय है कि स्वच्छ वायु गुणवत्ता में जबलपुर लगातार प्रदेश में दूसरे स्थान पर बना हुआ है। शुक्रवार को शहर के प्रमुख चार स्थानों पर लगे रियल मानिटरिंग सिस्टम में वायु गुणवत्ता सूचकांक सुहागी, गोविंद भवन मार्ग, गुप्तेवर में 96 से 97 था जबकि मढ़ाताल में 110 दर्ज किया गया।

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