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MP के 12 कलेक्टरों के पास ‘जीरो’ अचल संपत्ति, कई के पास न भूखंड न आवास, सरकार को संपत्ति के ब्योरे में दी जानकारी

 

प्रदेश के अधिकतर IAS अधिकारियों ने आवास, भूखंड या कृषि भूमि की जानकारी दी है लेकिन 12 कलेक्टर ऐसे भी हैं, जिनके पास कोई अचल संपत्ति नहीं है। …और पढ़ें

HighLights

  1. आईएएस अधिकारियों की संपत्ति का खुलासा
  2. नर्मदापुरम कलेक्टर के प्लॉट की कीमत घटी
  3. IAS अधिकारियों के पास कितनी है दौलत?

भोपाल। प्रदेश के आइएएस अधिकारियों ने अपनी संपत्ति का ब्योरा भारत सरकार को सौंप दिया है। अधिकतर अधिकारियों ने आवास, भूखंड या कृषि भूमि की जानकारी दी है लेकिन 12 कलेक्टर ऐसे भी हैं, जिनके पास कोई अचल संपत्ति नहीं है। नर्मदापुरम की कलेक्टर सोनिया मीना की संपत्ति (प्लाट) का मूल्य साढ़े चार लाख रुपये से घटकर एक लाख रुपये रह गया है।

वरिष्ठ अधिकारियों की कृषि भूमि का विवरण

वहीं, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ वरिष्ठ अधिकारियों की संपत्ति को देखा जाए तो विवेक अग्रवाल के पास पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश में लगभग 65 एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें अधिकतर हिस्सा पुश्तैनी है।

इन 12 कलेक्टरों के पास कोई अचल संपत्ति नहीं

सामान्य प्रशासन विभाग की वेबसाइट पर अपलोड किए गए अधिकारियों के संपत्ति के ब्योरे के अनुसार शाजापुर कलेक्टर रिजु बाफना, नरसिंहपुर कलेक्टर शीतला पटले, सीहोर कलेक्टर बालागुरू के, अनूपपुर कलेक्टर हर्षल पंचोली, मुरैना कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़, देवास कलेक्टर रितुराज, सिंगरौली कलेक्टर गौरव बैनल, खरगोन कलेक्टर भव्या मित्तल, आलीराजपुर कलेक्टर नीतू माथुर, खंडवा कलेक्टर सतीश कुमार एस और रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल ने अपनी अचल संपत्ति शून्य बताई है।

 

अन्य जिलों के कलेक्टरों की संपत्ति

उधर, गुना कलेक्टर किशोर कन्याल के पास दो मकान, एक प्लाट और कृषि भूमि उत्तर प्रदेश और भोपाल में है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारियों में नीलम शमी राव के पास कोई संपत्ति नहीं है पर उनके पति वीएल कांताराव के पास तमिलनाडु में प्लॉट और भोपाल में कृषि भूमि है। इसी तरह पंकज अग्रवाल के पास भोपाल में एक मकान है, जिसकी कीमत एक करोड़ रुपये हो गई है और उन्हें इससे सालाना एक लाख 68 हजार रुपये की आय भी होती है।

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