मध्य प्रदेश में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान में 14–15 वर्ष की किशोरियों को वैक्सीन लगाई जा रही है। अब तक एक लाख किशोरियों का ट …और पढ़ें
HighLights
- सर्वाइकल कैंसर बचाव हेतु किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगाई जा रही।
- प्रदेश में टीकाकरण का आंकड़ा एक लाख किशोरियों तक पहुंचा।
- अभियान 28 फरवरी से शुरू हुआ, शुरुआत में धीमी रही।
भोपाल। सर्विकल कैंसर से बचाव के लिए प्रदेश में 14 से 15 वर्ष की एक लाख किशोरियों को लगाया जा रहा एचपीवी रोधी वैक्सीन का आंकड़ा सोमवार को एक लाख का आंकड़ा छू गया। इस टीकाकरण में किसी राज्य का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है।
बता दें कि प्रदेश में 28 फरवरी से टीकाकरण की शुरुआत हुई थी। पहले एक सप्ताह अभिभावकों ने रुचि नहीं ली। इस कारण 16 हजार किशोरियों को ही टीका लग पाया था। इसके बाद स्कूलों के माध्यम से बच्चों और माता-पिता को समझाया गया हो गति तेज हुई। प्रदेश में 14 से 15 वर्ष की आयु वाली किशोरियों की संख्या आठ लाख है, जिन्हें यह टीका लगाया जाना है। जिला अस्पताल, सिविल अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अस्पताल के समय पर टीका लगाया जा रहा है।
लक्ष्य के अनुसार सर्वाधिक टीकाकरण करने वाले शीर्ष 10 जिलों की बात करें तो बालाघाट 47 प्रतिशत के साथ सबसे ऊपर है। इसके बाद क्रमश: खरगाोन, राजगढ़, मंडला, मुरैना, खंडवा, ग्वालियर, डिंडोरी, मंदसौर और कटनी शामिल हैं।
कर्मचारी अभियान को प्रोत्साहित करने के लिए कर रहे काम
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अभी तक कहीं से टीकाकरण के प्रतिकूल प्रभाव की शिकायत नहीं आई हैं। स्कूल शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत विभाग और डाक्टरों के संगठन जैसे फाग्सी, आइएपी, आइएमए भी अभियान को प्रोत्साहित करने के लिए काम कर रहे हैं।

प्रदेश में टीकाकरण की स्थिति अच्छी
उप मुख्यमंत्री स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि हम सभी संबंधित विभागों के सहयोग के चलते ही प्रदेश में टीकाकरण की अच्छी स्थिति है।




