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भोपाल: एडीजी राजाबाबू सिंह के बंगले के बाहर ‘मिडनाइट ड्रामा’; सुरक्षाकर्मियों को दी धमकी, दो युवक गिरफ्तार कर भेजे गए जेल

भोपाल: राजधानी के त्रिलंगा क्षेत्र में मंगलवार तड़के उस वक्त हड़कंप मच गया जब दो युवक कार से सीधे एडीजी (ट्रेनिंग) राजाबाबू सिंह के आवास के सामने जा पहुँचे। आपसी विवाद से शुरू हुआ यह मामला देखते ही देखते सुरक्षाकर्मियों के साथ अभद्रता तक पहुँच गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए एडीजी ने डीजीपी और पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर अपने आवास की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।

प्रमुख बिंदु (HighLights):

  • तड़के का तांडव: सुबह के वक्त कार सवार दो युवकों ने बंगले के बाहर किया जमकर हंगामा।

  • सुरक्षा पर सवाल: तैनात गार्ड्स से की बदसलूकी और जान से मारने की दी धमकी।

  • त्वरित कार्रवाई: शाहपुरा पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कुछ ही घंटों में आरोपियों को दबोचा।

  • आरोपियों का प्रोफाइल: इवेंट मैनेजमेंट का काम करने वाले नितेश और रुद्राक्ष फिलहाल सलाखों के पीछे।


सीसीटीवी में कैद हुआ ‘डंडा’ और ‘दहशत’

शाहपुरा थाना पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा गया कि दो युवक एक कार से आए थे। उनमें से एक के हाथ में डंडा भी था। दोनों के बीच पहले आपस में किसी बात को लेकर तीखी बहस हुई, जिसके बाद उन्होंने वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों पर अपना गुस्सा निकालना शुरू कर दिया।

“गलत पते” की अजीब दलील: गिरफ्तार किए गए आरोपी नितेश चौरसिया और रुद्राक्ष यादव (निवासी: कोटरा सुल्तानाबाद) ने पूछताछ में एक अजीब तर्क दिया है। उनका कहना है कि वे किसी इवेंट के सिलसिले में निकले थे और “गलत पते” पर पहुँच गए थे। इसी बात को लेकर उनके बीच विवाद शुरू हुआ और वे अपना आपा खो बैठे।


एडीजी का कड़ा रुख और पुलिस की सख्ती

हालांकि पुलिस का कहना है कि आरोपियों का एडीजी या उनके स्टाफ से कोई सीधा निजी विवाद नहीं था, लेकिन वीआईपी आवास के सामने इस तरह की गुंडागर्दी को हल्के में नहीं लिया गया है।

  1. जेल रवानगी: शाहपुरा थाना प्रभारी संतोष मरकाम ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत केस दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।

  2. क्रिमिनल रिकॉर्ड: पुलिस अब इन दोनों युवकों का पिछला आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वे पहले भी ऐसी वारदातों में शामिल रहे हैं।

  3. सुरक्षा ऑडिट: एडीजी राजाबाबू सिंह के पत्र के बाद अब त्रिलंगा स्थित वीआईपी आवासों की सुरक्षा व्यवस्था का पुनर्मूल्यांकन किया जा रहा है।


निष्कर्ष: कानून का कड़ा संदेश

यह घटना बताती है कि रसूख या लापरवाही में किया गया हंगामा किसी को भी भारी पड़ सकता है। पुलिस के आला अधिकारी के घर के बाहर इस तरह की हरकत ने पूरी राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को अलर्ट मोड पर ला दिया है।

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