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WhatsApp का धमाका: अब शोर में भी सुनाई देगी साफ़ आवाज़; ‘नॉइस कैंसिलेशन’ फीचर से बदल जाएगा कॉलिंग का अंदाज़

कैलिफोर्निया/नई दिल्ली: दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप (WhatsApp) ने अपने यूजर्स के लिए एक बेहद काम का ‘नॉइस कैंसिलेशन’ (Noise Cancellation) फीचर टेस्ट करना शुरू कर दिया है। यह फीचर वॉयस और वीडियो कॉल के दौरान बैकग्राउंड से आने वाले अनचाहे शोर को खत्म कर देगा। इसका सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा जो अक्सर सफर में रहते हैं या शोर-शराबे वाले इलाकों से बात करते हैं।

मुख्य बिंदु (HighLights):

  • शोर की छुट्टी: कॉल के दौरान ट्रैफिक, हवा या लोगों के चिल्लाने की आवाज फिल्टर हो जाएगी।

  • एंड्रॉयड यूजर्स को बड़ा फायदा: आईफोन में पहले से मौजूद ‘वॉइस आइसोलेशन’ जैसा अनुभव अब एंड्रॉयड पर भी मिलेगा।

  • फुल कंट्रोल: यूजर जब चाहे इस फीचर को ऑन या ऑफ कर सकेगा।

  • सुरक्षा बरकरार: एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन पर इस फीचर का कोई असर नहीं पड़ेगा; आपकी बातें सुरक्षित रहेंगी।


कैसे काम करेगी यह तकनीक?

वॉट्सऐप का यह नया एल्गोरिदम कॉल के दौरान आपके आसपास के वातावरण को स्कैन करेगा।

  • स्मार्ट फिल्टर: अगर आप सड़क पर खड़े हैं और पीछे से गाड़ियों के हॉर्न बज रहे हैं, तो यह फीचर उन फ्रीक्वेंसी को पहचान कर ब्लॉक कर देगा।

  • सिर्फ आपकी आवाज: सामने वाले व्यक्ति को केवल आपकी स्पष्ट आवाज सुनाई देगी, मानो आप किसी शांत कमरे में बैठकर बात कर रहे हों।


एंड्रॉयड vs आईफोन: अब मुकाबला होगा बराबरी का

अभी तक आईफोन यूजर्स के पास सिस्टम लेवल पर ‘वॉइस आइसोलेशन’ की सुविधा थी, लेकिन एंड्रॉयड यूजर्स अक्सर बैकग्राउंड शोर से परेशान रहते थे। वॉट्सऐप का यह इन-बिल्ट फीचर अब दोनों प्लेटफॉर्म्स पर एक जैसा प्रीमियम कॉलिंग एक्सपीरियंस देगा।

यूजर के हाथ में होगी कमान

कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह फीचर अनिवार्य नहीं होगा।

  1. सेटिंग्स: कॉल के दौरान या ऑडियो सेटिंग्स में जाकर इसे इनेबल किया जा सकेगा।

  2. प्राइवेसी: नॉइस फिल्टरिंग की प्रक्रिया डिवाइस के भीतर ही होगी, जिससे डेटा लीक होने का कोई खतरा नहीं है।


काम की सलाह: इंडक्शन चूल्हे के इस्तेमाल में बरतें सावधानी

इसी बीच टेक विशेषज्ञों ने इंडक्शन चूल्हा इस्तेमाल करने वालों को चेतावनी दी है। अक्सर लोग जाने-अनजाने में इंडक्शन पर गलत बर्तनों या गीले आधार वाले बर्तनों का उपयोग कर देते हैं, जिससे न केवल बर्तन खराब हो सकते हैं, बल्कि शॉर्ट-सर्किट का खतरा भी रहता है। हमेशा मैग्नेटिक बेस वाले बर्तनों का ही चुनाव करें।


निष्कर्ष: वॉट्सऐप का यह कदम जूम (Zoom) और गूगल मीट (Google Meet) जैसे प्रोफेशनल ऐप्स को कड़ी टक्कर देगा। अब दोस्तों से गपशप हो या ऑफिस की मीटिंग, वॉट्सऐप कॉल पर शोर का कोई स्थान नहीं होगा।

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