मध्य प्रदेश में 4500 सहकारी समितियों में केवल 3000 बचत खाते हैं। अपेक्स बैंक ने खाते बढ़ाने, ऋण वसूली तेज करने और समितियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनान …और पढ़ें

PACS को मजबूत बनाने के लिए अब बचत बैंक खाते खोलने पर जोर
HighLights
- प्रदेश में 4500 समितियों के मुकाबले केवल 3000 बचत खाते
- अपेक्स बैंक ने खातों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए
- किसानों का पैसा समितियों में जमा करने पर जोर दिया
भोपाल। प्रदेश की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (PACS) को मजबूत बनाने के लिए अब बचत बैंक खाते खोलने पर जोर दिया जा रहा है। वर्तमान में साढ़े चार हजार समितियों के मुकाबले केवल तीन हजार में ही बचत खाते संचालित हैं, जो सहकारी ढांचे की कमजोरी को दर्शाता है।
अपेक्स बैंक प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों का पैसा समितियों में ही जमा होना चाहिए, तभी ये संस्थाएं आर्थिक रूप से सक्षम बन सकेंगी।
बचत खातों पर विशेष जोर
अपेक्स बैंक के प्रशासक ने मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी समितियों में बचत खाते खोलना सुनिश्चित करें। खासतौर पर ग्वालियर संभाग और रीवा संभाग सहित 16 जिला सहकारी बैंक कमजोर श्रेणी में हैं, जहां विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
ऋण वितरण और वसूली की स्थिति
खरीफ सीजन में प्रदेश में 19,000 करोड़ रुपये का कृषि ऋण वितरित किया गया, जिसमें से 90 प्रतिशत की वसूली हो चुकी है। अधिकारियों को 30 जून तक शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पात्र किसानों को बिना ब्याज ऋण का लाभ मिल सके।
सदस्यता अभियान को गति
प्रदेश में 10 लाख नए सदस्य बनाने का अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए समिति प्रबंधकों को सक्रिय भूमिका निभाने और किसानों से निरंतर संपर्क बनाए रखने को कहा गया है। इससे सहकारी संस्थाओं का दायरा बढ़ेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
दुग्ध समितियों में भी खाता खोलने की जरूरत
प्रदेश में 6,420 दुग्ध समितियां हैं, लेकिन इनमें से केवल 85 प्रतिशत के खाते ही जिला सहकारी बैंकों में खुले हैं। वहीं 13 हजार सदस्यों में से करीब 65 प्रतिशत के ही खाते सक्रिय हैं, जिसे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण और निगरानी के निर्देश
बैंक प्रबंधन ने सभी 38 जिला सहकारी बैंकों के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने अधीनस्थ प्रबंधकों से प्रतिदिन कम से कम पांच समितियों का निरीक्षण कराएं। इससे कार्यप्रणाली में सुधार और योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा।




