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एमपी के 5 लाख उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, सोलर पैनल लगवाना हुआ और सस्ता, रजिस्ट्रेशन समेत सभी शुल्क खत्म

 

यह एक प्रमुख सरकारी पहल है, जिसका लक्ष्य एक करोड़ घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर उन्हें 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान करना है। …और पढ़ें

HighLights

  1. विद्युत नियामक आयोग का बड़ा फैसला
  2. सोलर पैनल के लिए भौतिक अनुबंध खत्म
  3. 5 लाख उपभोक्ताओं को मिलेगा सीधा लाभ

भोपाल। पीएम-सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में अब मध्य प्रदेश में घर की छत पर सोलर पैनल लगाने पर उपभोक्ता को रजिस्ट्रेशन शुल्क, प्रोसेसिंग शुल्क, मीटर जांच शुल्क और इंस्टालेशन, कमीशनिंग शुल्क नहीं देना होगा। इन समेत अलग-अलग भौतिक अनुबंधों के स्थान पर डिजिटल एग्रीमेंट लागू करने के लिए राज्य ऊर्जा विकास निगम ने मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग में याचिका दायर की थी।

पांच लाख उपभोक्ता होंगे लाभान्वित

आयोग द्वारा भारत सरकार की इस योजना को सफल एवं समय-सीमा में पूर्ण करने के उद्देश्य से उपरोक्त शुल्कों को हटाने एवं भौतिक अनुबंधों के स्थान पर डिजिटल एग्रीमेंट उपयोग करने का आदेश पारित किया गया है। हितग्राही एवं वेंडर्स के हितों को ध्यान में रखते हुए लिए गए इस निर्णय से घरों की छत पर सौर संयंत्र स्थापना लागत में कमी आएगी एवं कार्य शीघ्र गति से हो सकेगा। योजना की अवधि मार्च 2027 तक प्रदेश में सोलर पैनल लगवाने वाले पांच लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे।

 

78 हजार रुपये तक दी जाती है सब्सिडी

पीएम-सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना फरवरी 2024 में लॉन्च की गई थी। यह एक प्रमुख सरकारी पहल है, जिसका लक्ष्य एक करोड़ घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर उन्हें 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान करना है। इसके तहत क किलोवाट सोलर संयंत्र लगाने पर 30 हजार रुपये, दो किलोवाट सोलर संयंत्र लगाने पर 60 हजार रुपये तथा तीन किलोवाट या उससे अधिक के सोलर संयंत्र स्थापना पर 78 हजार रुपये की सब्सिडी केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही है और कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध है।

1 मई 2026 तक एमपी में सोलर पैनल घरेलू उपभोक्ता

  • कुल आवेदन – 1,89,147
  • कुल स्थापित संयंत्रों की संख्या – 1,18,796
  • कुल स्थापित क्षमता – 445 मेगावाट
  • विमुक्त सब्सिडी – 790.67 करोड़

अब विद्युत वितरण कंपनियां जारी करेगी आदेश

मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा भारत सरकार की इस योजना में उपरोक्त शुल्कों को हटाने एवं भौतिक अनुबंधों के स्थान पर डिजिटल एग्रीमेंट उपयोग करने का आदेश पारित किया गया है। इस आदेश के आधार पर अब मध्य प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कंपनियां अपने-अपने क्षेत्र के अंतर्गत अलग-अलग आदेश जारी करेंगी। लेकिन तब तक इसकी विसंगतियां भी देखने को मिल रही है। आयोग के आदेश के बाद भी स्मार्ट मीटर बिल में प्रोसेसिंग, मीटर जांच और इंस्टालेशन शुल्क वसूला जा रहा है।

मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के निर्णय से उपभोक्ता को अब अपने घर की छत पर सौर संयंत्र स्थापना लगाने पर शुल्क नहीं देना होगा। -अमनवीर सिंह बैंस, एमडी, मप्र ऊर्जा विकास निगम

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