मदर्स डे के मौके पर भोपाल की ऐसी चार महिलाओं की कहानी आपके सामने है, जिन्होंने परिवार और बच्चों के लिए सालों तक अपने करियर को रोके रखा, लेकिन जब बच्चे …और पढ़ें

डा. चारू कुमार
HighLights
- परिवार व बच्चों के लिए छोड़ा करियर
- बच्चों के बड़े होते ही फिर बनाई अपनी पहचान
- अब माताएं लिख रही नई कहानी
भोपाल। मां सिर्फ बच्चों की परवरिश ही नहीं करती, बल्कि कई बार अपने सपनों और करियर को भी परिवार के लिए पीछे छोड़ देती है। शादी, घर-परिवार और बच्चों की जिम्मेदारियों के बीच कई महिलाओं की पहचान कहीं खो जाती है, लेकिन समय बदलने के साथ आज महिलाएं फिर अपने सपनों को नई उड़ान दे रही हैं। मदर्स डे के मौके पर भोपाल की ऐसी चार महिलाओं की कहानी लेकर आई है, जिन्होंने परिवार और बच्चों के लिए वर्षों तक अपने करियर को रोके रखा, लेकिन जब बच्चे बड़े हुए तो उन्होंने दोबारा खुद को साबित किया। आज ये महिलाएं न सिर्फ आत्मनिर्भर हैं, बल्कि दूसरी महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन चुकी हैं।
बेटे के सवाल ने बदली जिंदगी
अमृता त्रिपाठी बताती हैं कि शादी के बाद उन्हें अपना फिजियोथेरेपी करियर छोड़ना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने घर, परिवार और बच्चे की जिम्मेदारियों को संभाला। संयुक्त परिवार में रहते हुए उन्होंने कई साल सिर्फ परिवार को दिए। जब उनका बेटा बड़ा हुआ तो उसने कहने लगा कि आप बाहर काम क्यों नहीं करतीं? बेटे की यह बात उनके दिल को छू गई और यहीं से उन्होंने दोबारा अपने सपनों को पूरा करने का फैसला लिया।
इसके बाद अमृता ने घर और बच्चे की जिम्मेदारियों के साथ एमबीए की पढ़ाई पूरी की और नौकरी शुरू की। कोविड के समय उन्होंने ब्यूटी पेजेंट की तैयारी की। उनकी मेहनत रंग लाई और वर्ष 2021 में उन्होंने “मिसेज इंडिया” का खिताब जीता। आज वे एक बाइक शोरूम की डायरेक्टर हैं और कई बड़े ब्रांड्स के साथ काम कर रही हैं। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि मां कभी अपने सपनों से हार नहीं मानती।
हैंडीक्राफ्ट का काम किया शुरू
माधवी सावरीकर बताती हैं कि शादी के बाद घर और बच्चों की जिम्मेदारियों में उनका करियर पीछे छूट गया था। मुरैना से एमए करने के बाद वे नौकरी भी करती थीं, लेकिन परिवार को संभालना उनकी प्राथमिकता बन गया। जब बच्चे बड़े हुए तो उन्होंने दोबारा पढ़ाई शुरू की और कोरोना काल में घर से हैंडीक्राफ्ट का काम शुरू किया। धीरे-धीरे उन्होंने कला प्रदर्शनियों में हिस्सा लेना शुरू किया और वर्ष 2024 में “प्रयास आर्ट गैलरी” की शुरुआत की। आज वे अपनी पेंटिंग्स और कला के जरिए नई पहचान बना रही हैं।
शादी के बाद जीता मिसेज इंडिया का खिताब
प्रिया सिंह शादी से पहले मॉडलिंग की दुनिया में सक्रिय थीं और वर्ष 1998 में मिस इलाहाबाद भी चुनी गई थीं। शादी और दो बेटियों की जिम्मेदारियों के बाद उन्होंने अपना करियर छोड़ दिया। कई साल तक परिवार को समय देने के बाद जब बेटियां बड़ी हुईं तो उन्होंने फिर अपने सपनों को जिया। वर्ष 2024 में उन्होंने “मिसेज इंडिया” का खिताब जीता और एक बार फिर फैशन और फिल्मों की दुनिया में सक्रिय हो गईं। आज वे कई म्यूजिक और फिल्म प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही हैं।
शादी के पंद्रह साल बाद शुरू किया करियर
डा. चारू कुमार की शादी बीएससी की पढ़ाई के दौरान ही हो गई थी। परिवार और बच्चों की जिम्मेदारियों के कारण वे खुद को समय नहीं दे पाईं। करीब पंद्रह साल बाद उन्होंने फिर से पेंटिंग शुरू की। उन्होंने पढ़ाई जारी रखते हुए पेंटिंग में एमए और पीएचडी पूरी की। आज वे मिक्स मीडिया और ग्लास पेंटिंग के लिए जानी जाती हैं और भोपाल सहित कई शहरों में अपनी प्रदर्शनियां आयोजित कर चुकी हैं। वे वर्तमान में रेजिडेंट आर्टिस्ट के रूप में भी कार्य कर रही हैं।




