भोपाल: आनंद नगर में अवैध हॉस्टल का भंडाफोड़, बिना सत्यापन 30 किरायेदारों को रखने पर मकान मालिक और मैनेजर पर केस
अग्रसर इंडिया | भोपाल
राजधानी के पिपलानी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आनंद नगर में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। यहाँ एक तीन मंजिला इमारत में बिना किसी पुलिस सूचना और अनिवार्य सत्यापन (Verification) के 30 युवकों को रखने का मामला सामने आया है। पुलिस ने नियमों के उल्लंघन पर मकान मालिक और हॉस्टल के मैनेजर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
आपसी झगड़े ने खोल दी पोल
हॉस्टल के भीतर चल रहे इस अवैध खेल का खुलासा 5 मई को हुआ। प्रेस कॉलोनी स्थित कमलेश चौकसे के मकान में रह रहे कुछ युवकों के बीच दोपहर में विवाद हो गया था। पड़ोसियों की सूचना पर जब पिपलानी पुलिस मौके पर पहुंची, तो विवाद सुलझाने के दौरान अधिकारियों को शक हुआ। जब पुलिस ने वहां रह रहे युवकों के दस्तावेजों की जांच शुरू की, तो पता चला कि किसी का भी रिकॉर्ड थाने में दर्ज नहीं है।
15 कमरों में रह रहे थे 30 किरायेदार
आनंद नगर चौकी प्रभारी संतोष रघुवंशी के अनुसार:
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तीन मंजिला इस भवन में कुल 15 कमरे हैं।
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इन कमरों में करीब 30 युवक किराये से रह रहे थे।
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मकान मालिक ने किराया वसूलने के लिए विश्वजीत कुमार नामक व्यक्ति को मैनेजर नियुक्त किया था।
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हैरानी की बात यह है कि मकान मालिक ने मैनेजर का भी पुलिस सत्यापन नहीं कराया था।
कानूनी कार्रवाई और सख्त चेतावनी
पूछताछ के दौरान मैनेजर किरायेदारों से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज या रजिस्टर पुलिस के सामने पेश नहीं कर सका। पुलिस कमिश्नर के आदेशों का उल्लंघन करने और सुरक्षा मानदंडों को ताक पर रखने के कारण पुलिस ने मकान मालिक और मैनेजर दोनों को आरोपी बनाया है।
किरायेदारों के लिए पुलिस नियम: क्या है जरूरी?
| नियम | विवरण |
| पुलिस सत्यापन | किरायेदार के आधार कार्ड और मूल निवास की जानकारी नजदीकी थाने में देना अनिवार्य है। |
| मैनेजर/स्टाफ | हॉस्टल या पीजी में रखे गए कर्मचारियों का भी चरित्र प्रमाण पत्र जरूरी है। |
| रजिस्टर संधारण | आने-जाने वाले मेहमानों और किरायेदारों का पूरा रिकॉर्ड रखना मकान मालिक की जिम्मेदारी है। |
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