मध्य प्रदेश के तकनीकी और प्रबंधन शिक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब बीई-बीटेक, बीबीए, एमबीए और बी प्लानिंग जैसे प्रमुख पाठ्यक्रमों में स …और पढ़ें

MP की तकनीकी शिक्षा में बड़ा बदलाव
HighLights
- अब जुलाई और जनवरी, साल में दो बार मिल सकेगा तकनीकी कोर्स में दाखिला
- जनवरी बैच के छात्र दूसरे सेमेस्टर से शुरू करेंगे पढ़ाई, फिर पढ़ेंगे पहला सेमेस्टर
- कॉलेजों को संबद्धता और सीटों की जानकारी 15 जून तक पोर्टल पर देनी होगी अनिवार्य
भोपाल। प्रदेश के तकनीकी और प्रबंधन शिक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब बीई-बीटेक, बीबीए, एमबीए और बी प्लानिंग जैसे प्रमुख पाठ्यक्रमों में साल में दो बार दाखिला हो सकेगा। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआइसीटीई) ने तकनीकी शिक्षा विभाग (डीटीई) को इसके विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। नए निर्देशों के अनुसार एआइसीटीई से संबद्ध 18 पाठ्यक्रमों में जुलाई और जनवरी में दो बार अलग-अलग प्रवेश प्रक्रिया होगी।
जुलाई सत्र में सभी कॉलेजों की 100 प्रतिशत सीटों के लिए केंद्रीयकृत काउंसलिंग आयोजित की जाएगी। इसके बाद जो सीटें खाली रह जाएंगी, उन्हें जनवरी सत्र में भरा जाएगा। विभाग का मानना है कि इस नई व्यवस्था से प्रवेश प्रक्रिया में होने वाली देरी समाप्त होगी, जो अब तक अक्टूबर-नवंबर तक चलती थी। विभाग का कहना है कि इससे संस्थानों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा, बल्कि काउंसलिंग प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी।
शैक्षणिक कैलेंडर होगा व्यवस्थित, सीटें भी भरेंगी पूरी
प्रदेश के 11 विश्वविद्यालयों में एआइसीटीई के पाठ्यक्रम संचालित होते हैं। नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य सभी सीटों को भरना और शैक्षणिक कैलेंडर को सुव्यवस्थित करना है। अभी तक प्रवेश प्रक्रिया देर तक चलने के कारण नियमित पढ़ाई और परीक्षाएं प्रभावित होती थीं। नई व्यवस्था से समय पर सत्र शुरू करने में मदद मिलेगी। इससे प्लेसमेंट प्रक्रिया पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। कंपनियां अब दोनों सत्रों के अनुसार अपनी समय-सारिणी तय कर सकेंगी, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिलेंगे।
सेमेस्टर क्रम में बदलाव, अलग तरीके से होगी पढ़ाई
जनवरी सत्र में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई का क्रम थोड़ा अलग होगा। ऐसे विद्यार्थी सीधे दूसरे सेमेस्टर से अपनी पढ़ाई शुरू करेंगे। इसके बाद वे जुलाई सत्र के विद्यार्थियों के साथ पहला सेमेस्टर पढ़ेंगे। इसी तरह वे चौथा सेमेस्टर पहले और तीसरा सेमेस्टर उसके बाद, छठा और फिर पांचवां सेमेस्टर पूरा करेंगे। अंत में आठवां और फिर सातवां सेमेस्टर पढ़ाया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य दोनों सत्रों के विद्यार्थियों को एक समान स्तर पर लाना है।
संबद्धता व निरंतरता के लिए 15 जून तक आवेदन
तकनीकी शिक्षा संस्थानों को नए शिक्षा सत्र के लिए तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की निरंतरता, प्रवेश क्षमता, शुल्क निर्धारण और विश्वविद्यालय संबद्धता से जुड़ी जानकारी डीटीई पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। इसके लिए अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित की गई है। निजी तकनीकी कॉलेजों को भी 15 जून तक अपनी संबद्धता और पाठ्यक्रमों की निरंतरता के लिए आवेदन करना होगा। साथ ही, काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेने के लिए सहमति अपलोड करनी होगी।




