लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से ऐसे स्कूलों की जानकारी मांगी है, जहां मोबाइल नेटवर्क या इंटरनेट की सुविधा उपल …और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो, एआई से तैयार की गई है।
HighLights
- DPI ने नेटवर्क और इंटरनेट विहीन सरकारी स्कूलों की जानकारी मांगी
- ऑनलाइन अटेंडेंस में परेशानी के चलते शिक्षकों की शिकायतों पर कार्रवाई
- शिक्षा पोर्टल-3 पर स्कूलों और शिक्षकों के डाटा का सत्यापन होगा
भोपाल। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क की समस्या को देखते हुए लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से ऐसे स्कूलों की जानकारी मांगी है, जहां नेटवर्क सुविधा उपलब्ध नहीं है।
शिक्षकों का ग्रीष्मावकाश समाप्त होने के बाद एक जून से स्कूल खुलने जा रहे हैं, ऐसे में विभाग ने व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की कवायद शुरू कर दी है।
ऑनलाइन अटेंडेंस में आ रही परेशानी
विभागीय अधिकारियों के अनुसार नेटवर्क नहीं मिलने के कारण कई शिक्षक “हमारे शिक्षक” एप पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं कर पा रहे हैं। दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों से लंबे समय से इंटरनेट समस्या की शिकायतें मिल रही थीं। इसी को देखते हुए डीपीआई ने नेटवर्क विहीन स्कूलों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
30 मई तक मांगी रिपोर्ट
डीपीआई ने जिला शिक्षा अधिकारियों को 30 मई तक विस्तृत रिपोर्ट भेजने को कहा है। इसमें शिक्षकों की संख्या, रिक्त पद, सेवानिवृत्त और मृत शिक्षकों के साथ जनगणना ड्यूटी में लगे शिक्षकों की जानकारी भी शामिल होगी।
शिक्षा पोर्टल-3 पर होगा सत्यापन
विभाग ने शिक्षा पोर्टल-3 के माध्यम से विद्यालयवार स्वीकृत, कार्यरत और रिक्त पदों के सत्यापन के निर्देश भी जारी किए हैं। शिक्षकों की पदस्थापना, पदनाम और विषय संबंधी जानकारी अपडेट की जाएगी, ताकि स्कूलों की वास्तविक स्थिति पोर्टल पर प्रदर्शित हो सके।




