भोपाल। मध्य प्रदेश के आम उपभोक्ताओं की जेब पर महंगाई का एक और बोझ बढ़ गया है। मध्य प्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ ने सांची दूध के प्रमुख वेरिएंट्स की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है।
दुग्ध महासंघ द्वारा जारी आदेश के अनुसार, दूध की ये नई दरें आज यानी 15 मई से पूरे प्रदेश में प्रभावी हो गई हैं।
लागत और गर्मी बनी मूल्य वृद्धि का मुख्य कारण
महासंघ के प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोवाणी ने बताया कि यह निर्णय बढ़ती खरीदी लागत और ग्रीष्मकालीन दबाव के चलते लिया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भीषण गर्मी के कारण वर्तमान में दूध का उत्पादन और संग्रहण (Collection) काफी प्रभावित हुआ है।
इसके चलते दुग्ध उत्पादक किसानों को दिए जाने वाले खरीदी मूल्य में वृद्धि की गई है। साथ ही, पिछले कुछ समय में पशु आहार, ईंधन और परिवहन व्यय (Transportation Cost) में हुए इजाफे के कारण इस संशोधन को अनिवार्य माना गया।
किसानों को मिलेगा बढ़ी हुई कीमत का फायदा
प्रशासन के अनुसार, उपभोक्ताओं से वसूली जाने वाली इस बढ़ी हुई कीमत का एक बड़ा हिस्सा सीधे दुग्ध उत्पादक किसानों के पास जाएगा, ताकि वे डेयरी व्यवसाय की बढ़ती लागत का सामना कर सकें।
महासंघ ने यह भी सुनिश्चित किया है कि मूल्य वृद्धि के बावजूद उपभोक्ताओं को दूध की उच्च गुणवत्ता और निरंतर आपूर्ति मिलती रहे।
निम्न आय वर्ग को राहत: छोटे पैकेटों के दाम नहीं बढ़े
राहत की बात यह है कि महासंघ ने गरीब और निम्न आय वर्ग के बजट को ध्यान में रखते हुए 170 मिलीलीटर और 180 मिलीलीटर के छोटे पैकेटों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। ये पैकेट पुरानी दरों पर ही उपलब्ध रहेंगे।
भोपाल और इंदौर में सबसे बड़ा असर
वर्तमान में मध्य प्रदेश में सांची दूध की दैनिक बिक्री लगभग 7.5 लाख लीटर है। इस बढ़ोतरी का सबसे बड़ा प्रभाव प्रदेश के दो प्रमुख महानगरों पर पड़ेगा:
भोपाल: दैनिक बिक्री लगभग 3.06 लाख लीटर।
इंदौर: दैनिक बिक्री लगभग 2.35 लाख लीटर।
इसके अतिरिक्त उज्जैन और बुंदेलखंड संभागों में भी नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।




