मध्य प्रदेश के विभिन्न मार्गों पर अभी भी 15 साल पुरानी 559 यात्री बसें दौड़ रही हैं जो कि यातायात नियमों के खिलाफ हैं। अब ट्रैफिक पुलिस और जिला पुलिस …और पढ़ें

MP में 559 पुरानी बसों पर गिरेगी गाज (फाइल फोटो)
HighLights
- मध्य प्रदेश में अभी भी दौड़ रहीं 15 वर्ष पुरानी 559 बसें
- शहरों में ट्रैफिक पुलिस और ग्रामीण क्षेत्रों में थाना प्रभारी करेंगे कार्रवाई
- परिवहन सचिव के छह माह पुराने आदेश पर अब शुरू हुआ अमल
भोपाल। प्रदेश के विभिन्न मार्गों पर अभी भी 15 वर्ष पुरानी 559 यात्री बसें दौड़ रही हैं जो कि यातायात नियमों के विरुद्ध हैं। परिवहन विभाग ने विशेष अभियान चलाकर दो दिनों में ऐसी 280 बसों को पकड़ा है। विभाग के पास अमला कम होने के कारण ट्रैफिक पुलिस और जिला पुलिस बल को 15 वर्ष पुरानी बसों के धरपकड़ की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके लिए सभी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों (आरटीओ) ने अपने जिलों में पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखकर शहरों में चल रही ऐसी बसों के विरुद्ध यातायात पुलिस और ग्रामीण क्षेत्रों में थाना प्रभारियों को कार्रवाई के लिए कहा है। उन्हें ऐसी बसों के नंबर वाली सूची उपलब्ध कराई गई है।
बता दें कि परिवहन विभाग के सचिव मनीष सिंह ने ऐसी 839 बसों की सूची पिछले वर्ष नवंबर में परिवहन आयुक्त को देकर इन्हें संचालन से बाहर करने के लिए कहा था। इस आदेश के विरुद्ध कुछ बस संचालकों ने हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी।
उनकी मांग थी कि 15 वर्ष की अवधि की गणना परमिट जारी होने की तारीख से की जानी चाहिए न कि चेसिस के निर्माण की तारीख से। अब हाई कोर्ट ने शासन के आदेश को सही माना है। इसके बाद बसों का संचालन बंद कराया जा रहा है। परिवहन अयुक्त उमेश जोगा ने सभी आरटीओ को धरपकड़ में तेजी लाने के लिए कहा है।




