पिछले दिनों कुठार पंचायत की चंदेरी झील से करीब डेढ़ सौ डंपर कोपरा निकालने की शिकायत एडीएम सुमित पांडे के यहां की गई है, जिसमें झील से कोपरा निकालकर बिन …और पढ़ें

जिले की हुजूर तहसील स्थित कुठार पंचायत की चंदेरी झील, जहां से अवैध उत्खनन किया जा रहा है। फोटो सौ- शिकायत कर्ता
HighLights
- जल गंगा संवर्धन अभियान के दौरान चंदेरी झील से 150 डंपर कोपरा निकाले जाने का आरोप
- ग्रामीणों ने बिना रॉयल्टी खनिज बेचने की शिकायत एडीएम से की, जांच के निर्देश जारी
- सेवानिवृत्त खनिज अधिकारी के बेटे शुभम गोयल ने अवैध उत्खनन के आरोपों से किया इनकार
भोपाल। जिले की हुजूर तहसील स्थित कुठार पंचायत की चंदेरी झील में जल गंगा संवर्धन अभियान के दौरान अवैध उत्खनन और खनिज कारोबार का मामला सामने आया है।
आरोप है कि झील के गहरीकरण के नाम पर पहले मिट्टी निकाली गई और बाद में बड़े पैमाने पर कोपरा (मुरमयुक्त खनिज) का उत्खनन कर उसे बाजार में बेच दिया गया।
ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत के अनुसार, कुठार पंचायत के सरपंच पति गिरजेश ने झील की खुदाई का काम सेवानिवृत्त खनिज अधिकारी एल.एम. गोयल के बेटे शुभम गोयल को सौंपा था। आरोप है कि पिछले 15 दिनों में यहां से करीब 150 डंपर कोपरा निकालकर बिना रॉयल्टी के बेचा गया।
गहरीकरण के नाम पर खनिज दोहन का आरोप
प्रदेशभर में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत तालाबों और जल स्रोतों के गहरीकरण का कार्य चल रहा है। पंचायतों को इसकी जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन कई स्थानों पर इस अभियान का फायदा उठाकर खनिज माफिया सक्रिय हो गए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि गहरीकरण के नाम पर केवल औपचारिक मिट्टी निकाली जाती है, जबकि रेत, मुरम और कोपरा जैसे मूल्यवान खनिजों को ट्रैक्टर-डंपरों से बाहर बेच दिया जाता है। कुठार की चंदेरी झील का मामला भी इसी तरह का बताया जा रहा है।
एडीएम को शिकायत, जांच अधर में
ग्रामीणों ने लगभग डेढ़ सौ डंपर कोपरा निकाले जाने की शिकायत एडीएम सुमित पांडे से की है। शिकायत में बिना रॉयल्टी खनिज बेचने और शासन को राजस्व नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है।
एडीएम सुमित पांडे ने मामले की जांच के निर्देश जिला खनिज अधिकारी एम.एस. रावत को दिए हैं, लेकिन शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि निर्देश के बावजूद अब तक प्रभावी जांच शुरू नहीं हुई है। इस पूरे मामले में खनिज निरीक्षक पूजा बानखेड़े की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
क्या बोले शुभम गोयल
आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए शुभम गोयल ने कहा कि उनका काम केवल कोपरा खरीदने और बेचने का है। उनके पास न तो मशीनें हैं और न ही डंपर। उन्होंने अवैध उत्खनन कराने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वे खदान संचालकों से कोपरा खरीदकर उसका व्यापार करते हैं।




