मध्य प्रदेश प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान हमीदिया अस्पताल और टीबी अस्पताल में बायोमेडिकल वेस्ट (अस्पताली कचरे) के सुरक्षित संग्रह, परिवहन और वै …और पढ़ें
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हमीदिया और टीबी अस्पताल में कचरा प्रबंधन होगा हाईटेक (फाइल फोटो)
HighLights
- हमीदिया में कचरा प्रबंधन होगा हाईटेक
- बायोमेडिकल वेस्ट के निपटान के लिए तैयारी
- लापरवाही पर लगेगा भारी जुर्माना
भोपाल। प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान हमीदिया अस्पताल और टीबी अस्पताल में बायोमेडिकल वेस्ट (अस्पताली कचरे) के सुरक्षित संग्रह, परिवहन और वैज्ञानिक निपटान के लिए प्रबंधन ने नई तैयारी शुरू कर दी है। इस नई व्यवस्था के तहत अस्पताल परिसर से निकलने वाले खतरनाक कचरे के प्रबंधन का काम निजी एजेंसी को आउटसोर्स किया जाएगा।
निगरानी प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने अनिवार्य किया है कि कचरा परिवहन करने वाले वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग और बार कोडिंग सिस्टम लगाया जाएगा। इस तकनीक के जरिए कचरे के उठने से लेकर उसके अंतिम निपटान (डिस्पोजल) तक की रीयल-टाइम निगरानी की जा सकेगी।
इससे कचरे के अवैध रूप से बाहर जाने या असुरक्षित स्थानों पर फेंकने की आशंका पूरी तरह खत्म हो जाएगी।अस्पताल के वार्डों से कचरा उठाने की प्रक्रिया दिन में दो बार संचालित की जाएगी। यदि एजेंसी समय पर कचरा परिवहन करने में विफल रहती है, तो उस पर प्रतिदिन का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा यदि 24 घंटे के भीतर कचरा नहीं उठाया गया, तो यह गंभीर चूक मानी जाएगी और एजेंसी के मासिक भुगतान में 5% की अतिरिक्त कटौती की जाएगी।
इनका कहना है
अस्पताल में मरीजों की संख्या को देखते हुए बायोमेडिकल वेस्ट का वैज्ञानिक तरीके से डिस्पोजल हमारी प्राथमिकता है। नई व्यवस्था में जीपीएस और बार कोडिंग को अनिवार्य किया गया है ताकि कचरे की एक-एक ग्राम मात्रा का हिसाब रखा जा सके। हम ई-हास्पिटल माडल की ओर बढ़ रहे हैं, जहां सफाई और कचरा प्रबंधन में कोई मानवीय चूक न हो। – डा. सुनीत टंडन, अधीक्षक, हमीदिया अस्पताल।




