मध्य प्रदेश पुलिस आरक्षक बैंड भर्ती परीक्षा-2026 के दौरान लाल परेड मैदान में दस्तावेज सत्यापन के समय फर्जीवाड़ा करने वाला आरोपित अभ्यार्थी गिरफ्तार हो…और पढ़ें

दस्तावेज सत्यापन के दौरान खुला फर्जीवाड़ा।
HighLights
- लाल परेड मैदान पर दस्तावेज सत्यापन के दौरान खुला फर्जीवाड़ा
- आरक्षक बैंड भर्ती परीक्षा में शामिल होने इंदौर से आया था आरोपित
- आरक्षक बैंड भर्ती परीक्षा में दस्तावेज जांच समिति ने पकड़ा शातिर
भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस आरक्षक बैंड भर्ती परीक्षा-2026 के दौरान लाल परेड मैदान में दस्तावेज सत्यापन के समय फर्जीवाड़ा करने वाला आरोपित अभ्यार्थी गिरफ्तार हो गया। पुलिस विभाग में भर्ती पाने के लिए अभ्यर्थी ने कक्षा नौवीं की मूल अंकसूची में छेड़छाड़ कर उसे कक्षा दसवीं की अंकसूची के रूप में प्रस्तुत कर दिया। दस्तावेज जांच समिति की सतर्कता से मामला पकड़ में आया। जहांगीराबाद थाना पुलिस ने आरोपित के खिलाफ कूटरचना और धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
योग्यता दिखाने के लिए की कांट-छांट
पुलिस के अनुसार आरक्षक बैंड भर्ती के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता दसवीं पास होना अनिवार्य है। इसी पात्रता को पूरा दिखाने के लिए इंदौर के ग्रीन पार्क कालोनी निवासी 38 वर्षीय मोहम्मद अनवर (पिता मोहम्मद जफर) ने अपनी नौवीं कक्षा की अंकसूची में कांट-छांट कर उसे दसवीं की मार्कशीट में बदल दिया। वह इंदौर में शादी-पार्टियों में बैंड बजाता है और उसे बैंड का करीब 20 साल का अनुभव है। ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थी के रूप में चेस्ट क्रमांक-1289 के साथ भर्ती प्रक्रिया में शामिल हुआ था।
दस्तावेज सत्यापन के दौरान समिति ने अंकसूची के प्रारूप और उसमें की गई ओवरराइटिंग पर संदेह जताया। जांच में पाया गया कि जहां मूल रूप से नौवीं कक्षा अंकित थी, वहां छेड़छाड़ कर दसवीं दर्शाने का प्रयास किया गया था। अंकसूची में रोमन अंकों से आइ और एक्स से नौ लिखा था। जिससे उसने एक्स के आगे आइ मिटा दिया। संदेह होने पर मामले की सूचना तत्काल जहांगीराबाद थाना पुलिस को दी गई।
स्कूल के स्कॉलर रजिस्टर ने खोली पोल
मामले की जांच कर रहे उपनिरीक्षक कमलेश यादव ने संदिग्ध अंकसूची सत्यापन के लिए इंदौर स्थित नूतन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, चिमनबाग से संपर्क किया। स्कूल प्रबंधन ने छात्र का शैक्षणिक रिकार्ड और स्कालर रजिस्टर उपलब्ध कराया।
जांच में स्पष्ट हो गया कि भर्ती में प्रस्तुत की गई अंकसूची वास्तव में कक्षा नौवीं की थी, जिसे कूटरचना कर दसवीं की अंकसूची के रूप में पेश किया गया था। थाना प्रभारी राजन अहिरवार ने बताया कि पुलिस ने स्कूल से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर आरोपित के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।




