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भोपाल के बदहाल यातायात और जलभराव पर सख्त हुए कलेक्टर-कमिश्नर; मेट्रो एजेंसी को फटकार, बोले- 15 दिन में चौड़ी करें सड़कें

 

भोपाल। वर्षा शुरू होने से पहले भोपाल की बदहाल यातायात व्यवस्था पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मेट्रो निर्माण, जलभराव और अधूरे सड़क सुधार कार्यों से रोजाना जाम झेल रहे शहरवासियों की परेशानी को देखते हुए गुरुवार को कलेक्टर प्रियंक मिश्रा और पुलिस कमिश्नर संजय कुमार खुद सड़कों पर उतरे।

करीब एक घंटे तक शहर के प्रमुख ट्रैफिक प्वाइंट्स का निरीक्षण करने के दौरान सबसे ज्यादा नाराजगी मेट्रो निर्माण एजेंसी की बैरिकेडिंग को लेकर सामने आई। कई स्थानों पर करीब 100 फीट चौड़ी सड़क पर वाहनों के लिए महज छह मीटर का रास्ता छोड़ा गया है, जिससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।

 

कलेक्टर बोले- काम क्यों नहीं हो रहा… जनता के हितों का ध्यान रखें

डिपो चौराहे से भदभदा विश्राम घाट तक के मार्ग का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने मेट्रो निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को मौके पर ही फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन उनकी कीमत आम नागरिकों को रोजाना जाम और परेशानी झेलकर नहीं चुकानी पड़ेगी।

कलेक्टर ने एजेंसी को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए निर्देश दिए कि बैरिकेडिंग का दायरा कम कर सड़क को कम से कम 10 मीटर तक चौड़ा किया जाए, ताकि यातायात सामान्य हो सके। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कहा कि जनता के हितों का ध्यान रखें, काम क्यो नहीं हो रहा है।

बैरिकेडिंग के साथ जलभराव ने बढ़ाई मुश्किल

डिपो चौराहे से भदभदा विश्राम घाट तक का मार्ग केवल बैरिकेडिंग के कारण ही नहीं, बल्कि बारिश में होने वाले जलभराव से भी प्रभावित है। सड़क किनारे नाले की वजह से हल्की बारिश में भी पानी भर जाता है और संकरी सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है।

कलेक्टर ने निर्माण एजेंसी को जल निकासी की व्यवस्था तत्काल सुधारने और सड़क चौड़ी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान इस मार्ग पर अव्यवस्था न हो।

एक घंटे सड़क पर निरीक्षण, फिर सड़क सुरक्षा समिति की बैठक

कलेक्टर और पुलिस कमिश्नर ने पालीटेक्निक चौराहा, डिपो चौराहा, गणेश मंदिर तिराहा, बाग सेवनिया चौराहा और गोविंदपुरा टर्निंग का निरीक्षण किया। इसके बाद स्मार्ट सिटी कार्यालय में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में ट्रैफिक पुलिस ने शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए 35 सुधारात्मक प्रस्ताव प्रस्तुत किए, जिन पर संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

इन स्थानों पर दिए गए प्रमुख निर्देश

– पॉलीटेक्निक चौराहा: यहां लगातार ट्रैफिक दबाव बना रहता है। चौराहे को रीडिजाइन किया जाना है। ट्रैफिक पुलिस ने कमलापार्क की ओर से आने वाले वाहनों के लिए अलग लेफ्ट टर्न बनाने का प्रस्ताव रखा। इसके लिए सरकारी आवासों की दीवार हटानी होगी। कलेक्टर ने बैठक में इस पर विस्तार से चर्चा की।

– डिपो चौराहा-भदभदा मार्ग: मेट्रो बैरिकेडिंग के कारण सड़क बेहद संकरी हो गई है। साथ ही नाले की वजह से जलभराव की समस्या बनी रहती है। कलेक्टर ने 15 दिन के भीतर सड़क चौड़ी करने और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने का अल्टीमेटम दिया।

– गणेश मंदिर तिराहा: सावरकर सेतु से उतरने वाले हिस्से में हर बारिश में पानी भरने की समस्या सामने आती है। निर्माण एजेंसी को स्थायी तकनीकी समाधान निकालने के निर्देश दिए गए।

– बाग सेवनिया चौराहा: बिजली के खंभों की शिफ्टिंग और डिवाइडर निर्माण का कार्य लंबित मिला। एजेंसी ने टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में होने की जानकारी दी, जिस पर कलेक्टर ने काम में तेजी लाने को कहा।

– गोविंदपुरा टर्निंग: भेल की ओर जाने वाली सड़क अचानक संकरी हो जाती है, जिससे यातायात बाधित होता है। अधिकारियों को सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया जल्द करने के निर्देश दिए गए।

ट्रैफिक सुधार के लिए 35 प्रस्तावसड़क सुरक्षा समिति की बैठक में ट्रैफिक पुलिस ने शहर के विभिन्न हिस्सों के लिए 35 बिंदुओं का प्रस्ताव रखा।

इनमें प्रमुख चौराहों पर लेफ्ट टर्न को बाधामुक्त करना, सड़क चौड़ीकरण, बिजली के पोल शिफ्ट करना, डिवाइडर निर्माण, जलभराव वाले स्थानों का स्थायी समाधान और ट्रैफिक फ्लो को बेहतर बनाने के उपाय शामिल हैं।

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