भोपाल। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआइ) के एटीएम से बेहद शातिर तरीके से ग्राहकों की नकदी चोरी करने वाले गिरोह का शाहपुरा पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने बिहार के रहने वाले निजी कॉलेज के छह छात्रों को गिरफ्तार किया है। आरोपित पिछले दो सप्ताह से शहर के सुनसान इलाकों में स्थित एसबीआइ के आठ एटीएम को निशाना बना रहे थे। वे मशीन की कैश प्लेट में छेड़छाड़ कर ग्राहकों के रुपये अंदर ही फंसा देते थे। ग्राहक के खाते से रकम कट जाती, लेकिन नकदी बाहर नहीं निकलती थी। बाद में आरोपित मशीन खोलकर फंसी रकम निकाल ले जाते थे।
पुलिस के अनुसार गिरोह ने शाहपुरा क्षेत्र के सेवॉय कॉम्प्लेक्स, शैतान सिंह चौराहा और त्रिलंगा सहित चार एटीएम तथा शहर के अन्य चार एटीएम में वारदात करना स्वीकार किया है। शुरुआती जांच में सैकड़ों लोगों से लाखों रुपये की चोरी होने की आशंका है।
ऐसे करते थे पूरी वारदात
पूछताछ में सामने आया कि आरोपितों के पास एटीएम मशीन का ऊपरी पैनल खोलने के लिए मास्टर-की थी। वे पहले मशीन खोलकर कैश डिस्पेंसर प्लेट को टेढ़ा कर देते थे या उसके सामने अवरोध लगा देते थे। इससे ग्राहक के खाते से राशि कट जाती, लेकिन नोट मशीन के भीतर ही फंस जाते थे।
वारदात के दौरान दो युवक बूथ के अंदर ग्राहक बनकर खड़े रहते थे, दो बाहर निगरानी करते थे और दो कार में इंतजार करते थे। ग्राहक के रुपये नहीं निकलने पर गिरोह के सदस्य उसे कहते कि तकनीकी खराबी है, कस्टमर केयर में शिकायत कर दें, खाते में रकम वापस आ जाएगी। ग्राहक के जाने के बाद आरोपित दोबारा मशीन खोलकर फंसी नकदी निकाल लेते थे। शक न हो, इसलिए आरोपित एटीएम से रसीद निकालने वाला पेपर रोल भी निकाल देते थे, ताकि लेनदेन की पर्ची न निकले।
शिकायतों से खुला राज
बीते कई दिनों से ग्राहकों की लगातार शिकायतें बैंक तक पहुंच रही थीं कि खाते से रुपये कट रहे हैं, लेकिन नकदी नहीं मिल रही। बैंक अधिकारियों ने मामले की जानकारी एटीएम सुरक्षा एजेंसी को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना मिली।
रविवार शाम त्रिलंगा स्थित एसबीआइ एटीएम पर निगरानी के दौरान पुलिस ने दो संदिग्ध युवकों को पकड़ा। पूछताछ में पूरी साजिश सामने आ गई। उनकी निशानदेही पर गिरोह के अन्य सदस्यों और वारदात में इस्तेमाल कार को भी जब्त कर लिया गया।
लाखों रुपये की चोरी की आशंका
थाना प्रभारी संतोष मरकाम के अनुसार सभी आरोपित बिहार के रहने वाले हैं और भोपाल के निजी कॉलेजों में पढ़ाई करते हुए अयोध्या नगर क्षेत्र में किराये से रह रहे थे। अब पुलिस बैंक से सभी शिकायतों का रिकॉर्ड लेकर यह पता लगा रही है कि गिरोह ने कुल कितने खाताधारकों को निशाना बनाया और कितनी राशि की चोरी की। शुरुआती जांच में लाखों रुपये की चोरी की आशंका जताई जा रही है।




