छात्रों ने बिना निरीक्षण कॉलेजों को संबद्धता देने और कथित भ्रष्टाचार की जांच की मांग को लेकर कुलगुरु कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया।
HighLights
- भ्रष्टाचार की जांच की मांग को लेकर कुलगुरु कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया
- दिसंबर 2025 की परीक्षाओं के नतीजे घोषित नहीं होने से छात्रों की पढ़ाई, प्रभावित होने का आरोप
- यूनीवर्सिटी में 70% शिक्षक पद खाली होने का दावा करते हुए छात्रों ने जल्द भर्ती की मांग की
भोपाल । बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में व्याप्त अनियमितताओं और लापरवाही के विरोध में एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं और छात्रों ने कुलगुरु कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।
एनएसयूआई जिला प्रभारी भोपाल गैर तकनीकी इकाई आशीष शर्मा के नेतृत्व में चल रहे इस प्रदर्शन में करीब 30 छात्र शामिल हैं। प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर बैठे हैं।
बिना जांच के मान्यता देने का आरोप
छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने बीएड कालेजों को संबद्धता देने में बड़ा घोटाला किया है। जिला प्रभारी आशीष शर्मा ने बताया कि बिना निरीक्षण के 25 से 30 कॉलेजों को सशर्त संबद्धता दे दी गई। संबद्धता की रिपोर्ट भी सार्वजनिक नहीं की गई।
पहले परिषद ने 129 कॉलेजों को संबद्धता दी थी। अब 35 और कालेजों को बिना जांच के मान्यता देने की तैयारी है।
रिजल्ट लेट होने से छात्र परेशान
उन्होंने कहा कि इस मामले में 5 मई को पहला ज्ञापन दिया गया था। इसके पहले मार्च में भी ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।दूसरा बड़ा मुद्दा परीक्षा परिणामों को लेकर है। छात्रों का कहना है कि दिसंबर 2025 में हुई परीक्षाओं के परिणाम छह महीने से लंबित हैं।
इससे हजारों छात्रों का भविष्य अधर में लटका है।तीसरा मुद्दा शिक्षकों की कमी का है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार विश्वविद्यालय में 70 फीसदी शिक्षक पद खाली पड़े हैं। इससे पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
विरोध रहेगा जारी
धरने में शामिल विकास ठाकुर ने कहा कि प्रशासन छात्रों की समस्याओं को सुनने को तैयार नहीं है। बीएड की फर्जी संबद्धता से शिक्षा की गुणवत्ता खराब हो रही है। विनोद प्रजापत ने कहा कि परीक्षा परिणाम नहीं आने से पीजी में एडमिशन और नौकरी दोनों अटक गई हैं। जिम्मेदार अधिकारी जवाब नहीं दे रहे।
अमित पवार ने कहा कि 70% शिक्षक पद खाली हैं तो पढ़ाएगा कौन? विवि सिर्फ फीस ले रहा है, सुविधा कुछ नहीं दे रहा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, धरना जारी रहेगा।
मांगों में बीएड संबद्धता की रिपोर्ट सार्वजनिक करना, लंबित परिणाम तुरंत घोषित करना और शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करना शामिल है।




