एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
बिना तोले न लें गैस सिलिंडर! भोपाल में चोरी-छिपे रिफिलिंग करते पकड़े गए एजेंसी के कर्मचारी; 4.63 लाख का सामान जब्त
भोपाल: यदि आप गैस एजेंसी के कर्मचारियों द्वारा घर पर पहुंचाए जाने वाले सिलेंडरों को बिना वजन करवाए केवल भरोसे पर ले रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। राजधानी भोपाल में घरेलू गैस सिलेंडरों से अवैध रिफिलिंग का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां खाद्य विभाग की टीम ने टीलाजमालपुरा थाना इलाके में अर्चना गैस एजेंसी के दो कर्मचारियों को रंगे हाथों पकड़ा है। खास बात यह है कि कार्रवाई के दौरान आरोपी वाहन लेकर भागने में भी कामयाब हो गए थे, जिन्हें बाद में पुलिस के सहयोग से दबोच लिया गया।
मुख्य बिंदु (Highlights)
-
वजन कराए बिना न लें सिलेंडर: घर पर सिलेंडर डिलीवरी के समय वजन न करने पर कर्मचारी आपकी हिस्से की गैस चुराकर कालाबाजारी कर रहे हैं।
-
रंगे हाथों पकड़ा: खाद्य विभाग की टीम ने आरिफ नगर मैदान में अर्चना इंडेन गैस एजेंसी के ऑटो से 9 इंच लंबी बंसी के जरिए अवैध रिफिलिंग करते हुए दो कर्मचारियों को पकड़ा।
-
वाहन लेकर भागे आरोपी: दबिश के दौरान आरोपी वाहन लेकर फरार हो गए थे और रास्ते में दो सिलेंडर ठिकाने भी लगा दिए, जिन्हें बाद में पुलिस की मदद से पकड़ा गया।
-
बड़ी जब्ती: थाने में हुई जांच और तुलाई के बाद 24 घरेलू गैस सिलेंडर, अवैध रिफिलिंग उपकरण और वाहन समेत कुल 4.63 लाख रुपये का सामान जब्त किया गया है।
कैसे चल रहा था कालाबाजारी का खेल?
सहायक आपूर्ति अधिकारी अशोक सत्यार्थी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि डीआईजी बंगला इलाके में अर्चना गैस एजेंसी के कर्मचारी घरेलू गैस सिलेंडरों से अवैध रूप से गैस चोरी कर रहे हैं। सूचना के आधार पर डीआईजी बंगला स्थित आरिफ नगर मैदान में दबिश दी गई।
-
मौके पर रिफिलिंग: एजेंसी के कर्मचारी भारत अहिरवार और भूपेंद्र नौरिया एक ऑटो में 9 इंच लंबी विशेष बंसी के माध्यम से सिलेंडरों की अवैध रिफिलिंग कर रहे थे।
-
फरार होने की कोशिश: टीम को देखते ही आरोपियों ने वाहन भगा लिया। हालांकि, प्रशासनिक टीम ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घेराबंदी कर वाहन सहित दोनों कर्मचारियों को पकड़कर थाने लाया गया।
थाने में तुलाई के दौरान हुआ बड़ा खुलासा
जिला आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन के अनुसार, थाने में जब सभी सिलेंडरों की विधिवत तुलाई और जांच की गई, तो हैरान करने वाले आंकड़े सामने आए:
-
सिलेंडरों की स्थिति: कुल 24 सिलेंडरों की जांच में 9 भरे हुए, 11 खाली और 4 सिलेंडर अवैध रिफिलिंग में उपयोग किए हुए पाए गए।
-
गैस चोरी का तरीका: आरोपियों ने रास्ते में दो भरे हुए सिलेंडरों से गैस चोरी कर अन्य सिलेंडरों में ट्रांसफर कर दी थी। जांच में एक सिलेंडर में 5 किलो 400 ग्राम और दूसरे में 300 ग्राम अतिरिक्त गैस भरी मिली, जबकि जिन सिलेंडरों से गैस निकाली गई थी उन्हें रास्ते में ही बेच दिया गया था। इसके अलावा अवैध रिफिलिंग के लिए दो अन्य सिलेंडरों की सील भी तोड़ दी गई थी।
प्रशासन द्वारा आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत सख्त प्रकरण दर्ज कर लिया गया है, जिसे अग्रिम वैधानिक कार्रवाई के लिए एडीएम कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा।




