भोपाल से बड़ी संख्या में श्रद्धालु तिरूपति बालाजी जाते हैं। कई भक्त तिरूमाला दर्शन करने साल में दो से तीन बार जाते हैं। सीधी उड़ान नहीं होने से श्रद्ध…और पढ़ें

भोपाल से साउथ जाने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है (फाइल फोटो)
HighLights
- भोपाल से साउथ जाने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है
- हैदराबाद उड़ान को तिरूपति तक बढ़ाने के प्रस्ताव पर नहीं हो सका अमल
- बेंगलुरू की दूसरी उड़ान के फेरे भी कम कर दिए गए हैं
भोपाल। भोपाल से दक्षिण भारत का हवाई कनेक्शन लगातार कमजोर हो रहा है। चैन्नई, तिरूपति एवं कोच्चि तक लंबे समय से उड़ान नहीं है। हाल ही में बेंगलुरू उड़ान के फेरे भी कम हो गए हैं। हैदराबाद उड़ान को तिरूपति बालाजी तक बढ़ाने का निर्णय भी नहीं हो सका है। किसी समय भोपाल से जेट एयरवेज सबसे बड़ा एयरलाइंस ऑपरेटर था। कंपनी ने भोपाल को पहली बार चैन्नई उड़ान के साथ भोपाल को दक्षिण भारत से जोड़ा। बाद में स्पाइस जेट ने भी दक्षिण भारत के कई शहरों तक उड़ानें शुरू कीं।
कुछ समय बाद जेट एयरवेज बंद हो गई। स्पाइस जेट ने भी भोपाल से अपनी सभी उड़ानें बंद कर दीं। नतीजा भोपाल का साऊथ कनेक्शन कट गया। कुछ समय बाद इंडिगो ने भोपाल में दस्तक दी। कंपनी ने पहली बार हैदराबाद एवं बेंगलुरू उड़ान के साथ भोपाल का साऊथ कनेक्शन जोड़ा था। कुछ समय तक बेंगलुरू उड़ान को चैन्नई तक बढ़ाया गया लेकिन बाद में इसे बंद कर दिया गया। इसकी जगह बेंगलुरू उड़ान को कोच्चि (कोचीन) से जोड़ा गया। अब यह उड़ान केवल बेंगलुरू तक ही जाती है। बेंगलुरू की दूसरी उड़ान के फेरे भी कम कर दिए गए हैं। दूसरी उड़ान अब सप्ताह में तीन दिन संचालित होती है।
तिरूपति बालाजी जाने वाले निराश
भोपाल से बड़ी संख्या में श्रद्धालु तिरूपति बालाजी जाते हैं। कई भक्त तिरूमाला दर्शन करने साल में दो से तीन बार जाते हैं। सीधी उड़ान नहीं होने से श्रद्धालु निराश हैं। हैदराबाद से तिरूपति एयरपोर्ट कुछ ही दूरी पर है। यदि हैदराबाद उड़ान को तिरूपति तक बढ़ाया जाए तो श्रद्धालुओं की आस पूरी हो सकती है । वर्तमान में बालाजी दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के पास ट्रेन से जाने का ही विकल्प है। इसमें समय बहुत लगता है। नियमित रूप से दर्शन के लिए जाने वाले भक्तों को अर्से से सीधी उड़ान का इंतजार है।
विकसित शहर की पहचान सीधी उड़ान
किसी भी विकसित शहर की पहचान देश के प्रमुख शहरों तक सीधी उड़ान होना है लेकिन भोपाल से साऊथ कनेक्शन लंबे समय से कमजोर है। हमनें इस संबंध में एयरलाइंस कंपनियों की नेटवर्क प्लानिंग टीम से आग्रह किया है। जल्द ही सांसद के माध्यम से नागरिक उड्डयन मंत्री से मिलेंगे।- रजत पल्लव सिंह, टीम लीडर भोपाल इन्वेंटमेंट एंड डेवलपमेंट।
श्रद्धालुओं को कभी नहीं मिली सुविधा
तिरूमाला जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या हजारों में है। दक्षिण भारत में कई दूसरे धार्मिक स्थल भी हैं। ट्रेन से जाना परेशानी भरा सफर है। श्रद्धालुओं की भावनाओं को देखते हुए साऊथ कनेक्शन मजबूत होना चाहिए। हैदराबाद उड़ान का तिरूपति तक आसानी से बढ़ाया जा सकता है।- अशोक हिमथानी, श्रद्धालु तिरूपति बालाजी।
यात्री मिल रहे थे फिर भी बंद
भोपाल से दक्षिण भारत के विभिन्न शहरों तक जब भी उड़ानें शुरू हुई हैं, उन्हें पूरा रिस्पांस मिला है। चैन्नई, तिरूपति एवं कोच्चि तक कम से कम सप्ताह में एक दिन उड़ान होना चाहिए। धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से भोपाल से एक भी उड़ान नहीं होना आश्चर्य की बात है।- ओमप्रकाश शेरू, ट्रेवल्स एजेंट।
स्लॉट देने को तैयार, प्रयास भी
भोपाल से एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए हम प्रयास कर रहे हैं। एआई एक्सप्रेस दिल्ली, मुंबई की उड़ानें शुरू कर रही है। भविष्य में यही कंपनी साऊथ कनेक्शन जोड़ सकती है। हम स्लाट देने को तैयार हैं। फिलहाल किसी कंपनी ने साऊथ का स्लाट नहीं लिया है।- आलोक त्रिपाठी, एयरपोर्ट डायरेक्टरफोटो- राजा भोज एयरपोर्ट- रजत पल्लवसिंह – ओमप्रकाश शेरू- अशोक हिमथानी – आलोक त्रिपाठी।




