एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
भोपाल बनेगा बड़ा इंडस्ट्रियल हब: तीन नए औद्योगिक केंद्रों से मिलेंगे 11 हजार रोजगार; मंडीदीप से अचारपुरा तक मौजूदा क्षेत्रों का भी होगा कायाकल्प
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और उसके आसपास के क्षेत्रों को औद्योगिक दृष्टि से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में प्रशासन ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। आने वाले समय में भोपाल के पास तीन नए औद्योगिक हब पूरी तरह से तैयार हो जाएंगे, जिनके शुरू होने से करीब 11,000 युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही पुराने और स्थापित औद्योगिक क्षेत्रों का भी बड़े पैमाने पर विस्तार और आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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तीन नए औद्योगिक हब: बैरसिया, सतगढ़ी और बड़वई में नए इंडस्ट्रियल क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं।
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11 हजार नए रोजगार: इन तीनों हब के पूरी तरह से धरातल पर उतरने से लगभग 11,000 युवाओं के लिए नौकरियों के द्वार खुलेंगे।
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मौजूदा हब का विस्तार: मंडीदीप, अचारपुरा, गोविंदपुरा, बगरोदा, तामोट, बड़ियाखेड़ी और आष्टा जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है।
भोपाल के पास बन रहे 3 नए इंडस्ट्रियल हब
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बैरसिया (एग्रो-फूड प्रोसेसिंग हब):
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क्षेत्रफल: 33.61 हेक्टेयर
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विशेषता: यहां एग्रो-प्रोसेसिंग, लाइट इंजीनियरिंग और फूड पैकेजिंग से जुड़ी इकाइयां स्थापित की जाएंगी।
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लक्ष्य व रोजगार: वर्ष 2026 के अंत तक निर्माण शुरू होने का लक्ष्य है, जिससे 1,500 से 2,000 नए रोजगार सृजित होंगे।
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सतगढ़ी (लाइट इंडस्ट्री हब):
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क्षेत्रफल: 69.91 हेक्टेयर
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विशेषता: भोपाल की सीमा से लगे इस क्षेत्र में ऑटो एंसिलरी, असेंबलिंग यूनिट्स और एमएसएमई (MSME) क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं।
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रोजगार: 2026-27 तक इसके तैयार होने पर 3,000 से 4,000 नौकरियां पैदा होंगी।
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बड़वई (आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स हब):
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क्षेत्रफल: राजा भोज एयरपोर्ट के समीप स्थित।
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विशेषता: इस हब में डेटा सेंटर, आईटी स्टार्टअप्स और इलेक्ट्रॉनिक्स असेंबलिंग के लिए आधुनिक ‘प्लग एंड प्ले’ (Plug and Play) की सुविधा उपलब्ध होगी।
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रोजगार: इससे सबसे अधिक 4,000 से 5,000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
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मौजूदा औद्योगिक क्षेत्रों का आधुनिकीकरण और विस्तार
राजधानी के पारंपरिक और बड़े औद्योगिक क्षेत्रों की क्षमता बढ़ाने के लिए सरकार निम्नलिखित कदम उठा रही है:
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मंडीदीप: यह क्षेत्र क्षेत्र का सबसे बड़ा औद्योगिक हब है, जहां 60 हजार से अधिक लोग कार्यरत हैं। यहां 6 मंजिला ‘प्लग एंड प्ले’ टावर, 96 रेडी-टू-यूज यूनिट्स और 1776 सीटर वर्किंग वुमन हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा।
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अचारपुरा: गारमेंट सेक्टर के इस प्रमुख केंद्र में 6 मंजिला फैक्ट्री ब्लॉक बनाया जाएगा और इसका 31.21 हेक्टेयर क्षेत्र में विस्तार होगा।
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गोविंदपुरा: इलेक्ट्रिकल और फैब्रिकेशन हब के रूप में पहचान रखने वाले इस क्षेत्र में बंद हो चुकी इकाइयों की जमीन का अधिग्रहण कर उसे नए टेक-आधारित स्टार्टअप्स को आवंटित किया जाएगा।
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बगरोदा व तामोट: बगरोदा में 19 हेक्टेयर भूमि पर एग्रो व फार्मा पैकेजिंग का विस्तार होगा, जबकि तामोट में 41 हेक्टेयर भूमि पर नए प्लास्टिक-पॉलिमर उद्योग स्थापित किए जाएंगे।
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बड़ियाखेड़ी व आष्टा: लॉजिस्टिक्स और ऑटो पार्ट्स के लिए मशहूर बड़ियाखेड़ी में 55.5 हेक्टेयर भूमि का विस्तार किया जा रहा है, वहीं आष्टा में एक नए मेगा इंडस्ट्रियल क्लस्टर की रूपरेखा तैयार की गई है।
इन तमाम विकास कार्यों से न केवल भोपाल बल्कि आसपास के जिलों के युवाओं को भी बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिलेंगे और मध्य प्रदेश देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में तेजी से आगे बढ़ेगा।




