एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
भोपाल में खाकी पर हमला: शराब पीने से रोकने पर गश्त कर रहे सिपाही को कार में अगवा कर पीटा, चलती गाड़ी से कूदकर बचाई जान; दोनों आरोपी गिरफ्तार
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बेखौफ बदमाशों ने कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती देते हुए एक पुलिसकर्मी को ही अपना निशाना बना लिया। शाहपुरा थाना क्षेत्र के दानापानी इलाके में गश्त कर रहे एक सिपाही ने जब युवकों को सरेआम शराब पीने से रोका, तो आरोपियों ने उसे कार में अगवा कर लिया और चलती गाड़ी में मारपीट की। सिपाही ने सूझबूझ दिखाते हुए चलती कार से कूदकर अपनी जान बचाई। शाहपुरा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
-
सिपाही का अपहरण: खुले में शराब पीने से रोकने पर बदमाशों ने आरक्षक सुंदरम पटेल को इनोवा कार में बंधक बनाकर अगवा कर लिया।
-
चलती कार में मारपीट और धमकी: बदमाशों ने सिपाही के साथ मारपीट की, उसका मोबाइल छीनने की कोशिश की और जान से मारकर जंगल में फेंकने की धमकी दी।
-
सूझबूझ से बचाई जान: पीछा कर रहे दूसरे पुलिसकर्मी और सिपाही द्वारा टीआई को भेजी गई ‘लाइव लोकेशन’ व डीबी मॉल के पास ट्रैफिक में गाड़ी धीमी होने पर सिपाही चलती कार से कूदकर बाहर आ गया।
-
दोनों आरोपी गिरफ्तार: पुलिस ने इनोवा कार के नंबर के आधार पर मुख्य आरोपी भूपेंद्र शर्मा और उसके साथी ऋषि नामदेव को गिरफ्तार कर लिया है।
पूरी वारदात का घटनाक्रम
-
शराब पीने से रोकना: शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात करीब 12:30 बजे आरक्षक सुंदरम पटेल और मयंक ठाकुर बाइक से गश्त कर रहे थे। दानापानी शराब दुकान के पास एक इनोवा कार में कुछ युवक सरेआम शराब पी रहे थे।
-
थाने ले जाने के दौरान किडनैपिंग: पुलिसकर्मियों के टोकने पर विवाद बढ़ा और कार्रवाई के लिए आरक्षक सुंदरम उनकी इनोवा में बैठ गए। लेकिन बदमाशों ने गाड़ी थाने ले जाने के बजाय डीबी मॉल की तरफ भगा दी।
-
लाइव लोकेशन और छलांग: बाइक से पीछा कर रहे दूसरे साथी और सिपाही सुंदरम द्वारा अपनी लाइव लोकेशन थाने भेजने से पुलिस अलर्ट हो गई। डीबी मॉल और जीजी फ्लाईओवर के पास ट्रैफिक के कारण गाड़ी धीमी होते ही सिपाही ने कूदकर अपनी जान बचाई।
आरोपियों की कुंडली और पुलिस कार्रवाई
-
मुख्य आरोपी का आपराधिक इतिहास: गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी भूपेंद्र शर्मा (गंजबासौदा निवासी, हाल निवासी कोलार) आदतन अपराधी है, जिसके खिलाफ विदिशा में हत्या के प्रयास का मामला पहले से दर्ज है। दूसरा आरोपी ऋषि नामदेव (बागसेवनिया निवासी) है। दोनों पेशे से निजी वाहन चालक हैं, और जिस गाड़ी का इस्तेमाल किया गया वह एक सेवानिवृत्त अधिकारी की है।
-
सख्त कानूनी धाराएं: पुलिस ने अपहरण, शासकीय कार्य में बाधा और गंभीर मारपीट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर इनोवा कार जब्त कर ली है। न्यायालय ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है, जिसमें उन्हें 10 साल तक की सजा हो सकती है।




