एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
मध्य प्रदेश में परिवहन व्यवस्था का पुनर्गठन: राज्य परिवहन प्राधिकरण (STA) का हुआ नया गठन; जल्द शुरू होगी ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’
भोपाल: मध्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। सरकार ने मोटरयान अधिनियम, 1988 के तहत राज्य परिवहन प्राधिकरण (State Transport Authority – STA) का पुनर्गठन करते हुए सोमवार को इसकी आधिकारिक गजट अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही पुरानी सभी अधिसूचनाएं और आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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STA का पुनर्गठन: राज्य परिवहन प्राधिकरण के अध्यक्ष की जिम्मेदारी अब एसीएस (ACS) या प्रमुख सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारी को सौंपी जाएगी, जबकि परिवहन आयुक्त इसके सदस्य सचिव होंगे।
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विवादों के निपटारे में तेजी: नए प्रशासनिक स्वरूप से अंतरराज्यीय बस परमिट, रूट आवंटन और परिवहन कारोबारियों से जुड़े अंतर-क्षेत्रीय विवादों के मामलों का निपटारा तेजी से हो सकेगा।
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बढ़ा हुआ बस किराया: हाल ही में राज्य सरकार ने यात्री बसों का किराया बढ़ाकर ₹2 प्रति किलोमीटर और न्यूनतम किराया ₹10 निर्धारित किया है।
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मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा जल्द: सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए जल्द ही ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ का पहला चरण शुरू होने जा रहा है।
नई व्यवस्था के प्रमुख पहलू
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उच्च प्रशासनिक नेतृत्व: प्राधिकरण के अध्यक्ष का मनोनयन राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। उच्च स्तर पर नेतृत्व होने से नीतिगत मामलों की निगरानी मजबूत होगी और लंबित प्रक्रियाओं में कमी आएगी।
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पुरानी व्यवस्था समाप्त: नई अधिसूचना के जारी होते ही परिवहन प्राधिकरण से जुड़े पूर्ववर्ती सभी आदेश और अधिसूचनाएं स्वतः निरस्त हो गईं हैं।
‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ और ई-बसें
प्रदेश में यात्री परिवहन को सुगम बनाने के लिए लाई जा रही ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के तहत पहले चरण में इंदौर और उज्जैन संभाग को प्राथमिकता दी जाएगी।
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पीएम ई-बस सेवा: शुरुआती चरण में केवल इंदौर में इस सेवा के तहत 150 इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने की योजना है।
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चरणबद्ध विस्तार: इसके बाद इस आधुनिक परिवहन सेवा का विस्तार भोपाल, उज्जैन, जबलपुर, सागर, ग्वालियर और रीवा सहित प्रदेश के अन्य छह परिवहन क्षेत्रों में किया जाएगा।
सरकार की इन पहलों का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और सुलभ सार्वजनिक परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा परमिट व रूट से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुचारू बनाना है।




