एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
मध्य प्रदेश NEET-UG काउंसलिंग 2026: नया फीस स्ट्रक्चर जारी; सरकारी कॉलेजों में फीस यथावत, प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में 10% तक का इजाफा
भोपाल: मध्य प्रदेश में नीट-यूजी (NEET-UG) काउंसलिंग प्रक्रिया के शुरू होने के साथ ही चिकित्सा शिक्षा संचालनालय (DME) ने मेडिकल और डेंटल शिक्षा का नया फीस स्ट्रक्चर जारी कर दिया है। राहत की बात यह है कि राज्य के सभी 20 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में फीस में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, लेकिन प्राइवेट मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में पढ़ाई अब और महंगी हो गई है। प्राइवेट एमबीबीएस (MBBS) की फीस में 10% और बीडीएस (BDS) में 8% तक की वृद्धि की गई है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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सरकारी कॉलेजों में फीस स्थिर: प्रदेश के 20 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सालाना फीस पिछले तीन सालों की तरह इस बार भी 1.14 लाख रुपये (शिक्षण और सुरक्षा फीस सहित) तय की गई है। इंदौर के ESIC मेडिकल कॉलेज में यह फीस 1.05 लाख रुपये है।
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प्राइवेट कॉलेजों में बढ़ोतरी: प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में कोर्स 81,000 रुपये से लेकर 1.58 लाख रुपये तक महंगे हुए हैं। उदाहरण के लिए, भोपाल के एलएन मेडिकल कॉलेज में फीस बढ़कर 18.08 लाख रुपये प्रति वर्ष हो गई है।
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एनआरआई कोटे (NRI Quota) में भारी उछाल: एनआरआई कोटे के तहत प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए फीस 33.43 लाख से बढ़कर अब 60.92 लाख रुपये तक पहुंच गई है। श्री अरबिंदो मेडिकल कॉलेज (इंदौर) में एनआरआई फीस सबसे ज्यादा 60,92,700 रुपये हो गई है।
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डेंटल (BDS) की स्थिति: इंदौर स्थित शासकीय डेंटल यूनिवर्सिटी (प्रदेश का एकमात्र सरकारी डेंटल कॉलेज) में फीस 1.14 लाख रुपये ही है, जबकि प्राइवेट डेंटल कॉलेजों में सालाना फीस बढ़कर 1.98 लाख से 2.85 लाख रुपये तक हो गई है।
एमबीबीएस सीटों में इजाफा
इस सत्र मध्य प्रदेश में एमबीबीएस की कुल सीटों की संख्या बढ़कर 5,200 हो गई है, जो पिछले सत्र (5,050) से 150 सीटें अधिक हैं। इस बढ़ोतरी में खरगोन, मंदसौर और रतलाम के तीन नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों (प्रत्येक में 50 सीटें) और सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में 50 अतिरिक्त सीटों का योगदान है। अब राज्य में कुल 3,000 सरकारी और 2,200 प्राइवेट एमबीबीएस सीटें उपलब्ध हैं।




