Bhopal Breaking news Latest News MP Polictics

MP में पहली बार ‘युवा बजट’ लाने की तैयारी में मोहन सरकार, किसानों और उद्योगपतियों के लिए भी खुलेगा सरकारी खजाना

एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम

मध्य प्रदेश में चुनावी साल की बड़ी तैयारी: मोहन सरकार लाएगी पहला ‘युवा बजट’, पंचायत और नगरीय विकास पर रहेगा खास फोकस

भोपाल: मध्य प्रदेश में वर्ष 2027 से चुनावी सरगर्मियों का दौर शुरू होने जा रहा है। आगामी मई-जून 2027 में प्रस्तावित पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने अभी से अपनी रणनीतिक तैयारियां तेज कर दी हैं। इससे पहले मार्च 2027 में प्रस्तुत होने वाले राज्य के बजट में गांव और शहर की सरकारों को साधने के लिए बड़े वित्तीय प्रावधान करने की तैयारी है। वित्त विभाग ने सभी विभागों को वित्तीय वर्ष 2027-28 के बजट प्रस्ताव तैयार करने के लिए अंतरिम सीमा (Cap) जारी कर दी है।

मुख्य बिंदु (Highlights)

  • गांव और शहर पर सरकार का जोर: वित्त विभाग द्वारा जारी अंतरिम प्रस्तावों के मुताबिक, ग्रामीण विकास के लिए करीब 31,789 करोड़ रुपये (पंचायतों के लिए 10,752 करोड़) और नगरीय विकास के लिए 22,665 करोड़ रुपये के प्रावधान किए जा रहे हैं।

  • प्रदेश में 1.39 करोड़ युवा मतदाता: चूंकि मध्य प्रदेश में 18 से 29 वर्ष की आयु वर्ग के युवा मतदाताओं की संख्या 1.39 करोड़ से अधिक है, इसलिए इस वर्ग को सीधे लुभाने के लिए सरकार इस बार ‘युवा बजट’ पेश करने की तैयारी में है।

  • प्रत्यक्ष प्रणाली से होंगे निकाय चुनाव: आगामी नगरीय निकाय चुनाव इस बार पूरी तरह से प्रत्यक्ष प्रणाली (यानी सीधे जनता द्वारा मेयर/अध्यक्ष चुनने की पद्धति) के माध्यम से कराए जाएंगे, जिससे चुनावी समीकरण और भी महत्वपूर्ण हो गए हैं।

अन्य प्रमुख विभागों के लिए प्रस्तावित बजट

आगामी विधानसभा चुनाव 2028 की पृष्ठभूमि को देखते हुए सरकार हर वर्ग को साधने का प्रयास कर रही है:

  • ऊर्जा विभाग: किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं को रियायती दर पर बिजली देने के लिए अनुदान जारी रखते हुए ऊर्जा विभाग को लगभग 34,020 करोड़ रुपये मिल सकते हैं।

  • स्कूल शिक्षा: शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 35,688 करोड़ रुपये से अधिक के प्रावधान रखे जाने की संभावना है।

  • स्वास्थ्य एवं सिंचाई: स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए 23,305 करोड़ रुपये तथा सिंचाई क्षमता को 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने के लिए नर्मदा घाटी विकास और जल संसाधन विभाग को 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की जा सकती है।

यह बजट साफ तौर पर यह संकेत देता है कि मोहन सरकार बुनियादी ढांचे, युवाओं और ग्रामीण-शहरी विकास को प्राथमिकता देते हुए चुनावी साल की मजबूत नींव रख रही है।

Please follow and like us:
Pin Share

Leave a Reply