एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
रक्षाबंधन की अनूठी मिसाल: भोपाल के भाई-बहन की जोड़ी ने बढ़ाया मान, आईपीएस भाई ने संभाली नक्सल मोर्चाबंदी तो आईएएस बहन कर रही हैं जनसेवा
भोपाल: रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के अटूट स्नेह के साथ-साथ एक-दूसरे के सपनों को उड़ान देने का भी प्रतीक है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से ताल्लुक रखने वाले भाई-बहन की एक ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जहां आईपीएस भाई और आईएएस बहन ने अपनी मेहनत और देश सेवा के जज्बे से पूरे परिवार और प्रदेश का नाम रोशन किया है। भाई खाकी वर्दी में कानून-व्यवस्था संभाल रहे हैं, तो बहन प्रशासनिक सेवा के जरिए समाज को दिशा दे रही हैं।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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भाई ने दिखाई राह, बहन ने पाई मंजिल: मूल रूप से भोपाल के रहने वाले आईपीएस आदित्य मिश्रा ने अपनी बहन पल्लवी मिश्रा को सिविल सेवा (UPSC) की तैयारी के लिए मार्गदर्शन दिया। भाई के सेवा भाव और प्रेरणा से आगे बढ़कर पल्लवी ने इस मुकाम को हासिल किया।
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आईएएस पल्लवी मिश्रा (अमृतसर, एडीसी): पल्लवी ने दिल्ली की नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से बीए-एलएलबी की पढ़ाई की और शास्त्रीय संगीत में एमए की डिग्री भी हासिल की। वर्ष 2022 की यूपीएससी परीक्षा में 73वीं रैंक हासिल कर उन्होंने आईएएस बनने का गौरव पाया। वर्तमान में वह अमृतसर (पंजाब) में एडीसी (जनरल) के पद पर सेवाएं दे रही हैं। व्यस्तता के कारण इस बार वह भाई को राखी बांधने नहीं जा पाईं, इसलिए उन्होंने डाक के जरिए राखी भेजी है।
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आईपीएस आदित्य मिश्रा (बालाघाट एसपी): भाई आदित्य मिश्रा 2018 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। नक्सल प्रभावित बालाघाट में एसपी के रूप में अपनी सेवाएं देते हुए उन्होंने कई सफल अभियानों का नेतृत्व किया है, जिसके लिए उन्हें दो बार वीरता पुरस्कार से नवाजा जा चुका है। उनके नेतृत्व में बालाघाट को नक्सल मुक्त घोषित करने में अहम भूमिका रही है।
सुसंस्कृत और प्रतिष्ठित परिवार की पृष्ठभूमि
इस प्रतिभाशाली भाई-बहन के माता-पिता भी उच्च पदों पर देश की सेवा कर रहे हैं। उनके पिता अजय मिश्रा एक वरिष्ठ वकील हैं, जबकि उनकी मां डॉ. रेणु मिश्रा एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक हैं। परिवार का यह शैक्षणिक और प्रशासनिक माहौल दोनों भाई-बहन के व्यक्तित्व और उनकी कर्तव्यनिष्ठा में साफ झलकता है।




