एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
शिक्षक दिवस 2026: भोपाल के वरिष्ठ IAS-IPS अधिकारियों ने किए गुरुओं को याद, कहा—’किताबी ज्ञान से बढ़कर है जीवन को सही दिशा देना’
भोपाल: सफलता के उच्च शिखरों तक पहुंचने में शिक्षकों और गुरुओं का योगदान अमूल्य होता है। शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर भोपाल प्रशासन और पुलिस विभाग की कमान संभाल रहे शहर के तमाम दिग्गज आईएएस और आईपीएस अधिकारियों ने अपने जीवन के उन विशेष गुरुओं को याद किया, जिनकी सीख और मार्गदर्शन ने उनके करियर और व्यक्तित्व को आकार दिया है। अधिकारियों ने साझा किया कि गुरु केवल किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि सही-गलत का फर्क, अनुशासन और समाज के प्रति संवेदनशीलता भी सिखाते हैं।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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संस्कृति जैन (आयुक्त, नगर निगम भोपाल): ने अपने स्कूली दिनों को याद करते हुए सिरसा (हरियाणा) के प्रिंसिपल फादर अलमिना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि फादर अलमिना ने उन्हें अनुशासन में रहने, निरंतर सीखते रहने और सही दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उनके अनुसार, जीवन के हर पड़ाव पर हर व्यक्ति से कुछ नया सीखने का अवसर मिलता है।
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अभिषेक सिंह (आयुक्त, लोक शिक्षण संचालनालय): ने प्रतापगढ़ के छत्रधारी इंटरमीडिएट कॉलेज के अपने दिनों को याद करते हुए बताया कि कक्षा छठवीं से 12वीं तक की पढ़ाई के दौरान उन्हें फिजिक्स कठिन लगती थी, लेकिन उनके शिक्षकों रामराज तिवारी और सुरेंद्र बहादुर सिंह ने उस विषय को इतना सरल और रोचक बना दिया कि उन्हें साइंस पढ़ने की जबरदस्त प्रेरणा मिली।
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कर्मवीर शर्मा (संभागायुक्त, भोपाल): ने भारतीय संस्कृति में गुरु के सर्वोच्च स्थान का जिक्र करते हुए भावुक संस्मरण साझा किया। उन्होंने बताया कि जब गुरु स्वयं पिता हों तो उनका महत्व और अधिक बढ़ जाता है। उनके पिता ने बचपन से ही उन्हें धर्म, नैतिकता, संस्कारों और गरीबों की सेवा करने का जो पाठ पढ़ाया, उसी की बदौलत वे आज इस मुकाम तक पहुंच पाए हैं।
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संजय कुमार (पुलिस कमिश्नर, भोपाल): ने अपने शिक्षकों को याद करते हुए कहा कि उनके गुरु सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उनके स्वजनों से भी लगातार संपर्क में रहकर उन्हें एक जिम्मेदार और अच्छा इंसान बनने की सीख देते रहे।
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शैलेंद्र सिंह चौहान (अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, भोपाल): ने अपने बायोलॉजी के शिक्षक जोसेफ फिलिप का स्मरण किया। उन्होंने बताया कि शिक्षक जोसेफ ने न सिर्फ विषय का ज्ञान दिया, बल्कि अनुशासन, बड़ों के प्रति आदर और कार्य के प्रति पूर्ण ईमानदारी व निष्ठा रखने की प्रेरणा भी दी।




