एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
भोपाल नीलम पार्क आंदोलन: वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक पदवृद्धि की मांग पर गरमाई सियासत; पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के आश्वासन पर टूटा 16 दिन का अनशन
भोपाल: मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती परीक्षा के पदों में वृद्धि (पदवृद्धि) की मांग को लेकर भोपाल के नीलम पार्क में चल रहा आंदोलन अब राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों के केंद्र में आ गया है। शनिवार को इस आंदोलन में एक बड़ा मोड़ तब आया जब 16 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे अभ्यर्थियों ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भरोसे के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। इसके साथ ही, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी नीलम पार्क पहुंचकर आंदोलनकारियों से मुलाकात की और उनकी मांगों का समर्थन किया।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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पूर्व सीएम के आश्वासन पर टूटा अनशन: पिछले 16 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों से मिलने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मौके से ही स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह से फोन पर चर्चा की। मंत्री के साथ हुई बातचीत के बाद आगामी 8 सितंबर (मंगलवार) को अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल की शिक्षा मंत्री के साथ संयुक्त बैठक तय की गई, जिसमें दिग्विजय सिंह के भी शामिल होने की बात कही गई है। इस आश्वासन के बाद उन्होंने जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया।
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जीतू पटवारी का समर्थन: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी भी नीलम पार्क पहुंचे और अभ्यर्थियों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर न्याय की मांग करेंगे।
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रिक्त पदों का गणित: आंदोलनकारियों का तर्क है कि उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा 2023 के तहत कुल 8,720 पद विज्ञापित किए गए थे, लेकिन पहली काउंसलिंग के बाद मात्र 2,901 पदों पर ही नियुक्तियां दी गईं। अभ्यर्थियों का दावा है कि 5,819 पद अभी भी रिक्त पड़े हैं, जिन पर भर्ती की जानी चाहिए।
अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें और आगे की राह
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आयु सीमा और भविष्य का संकट: प्रदर्शनकारी शिक्षकों का कहना है कि भर्ती प्रक्रियाओं के लंबे अंतराल के चलते कई योग्य अभ्यर्थी अब आयु सीमा पार करने की कगार पर पहुंच चुके हैं, इसलिए शेष पदों पर तुरंत नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाए।
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8 सितंबर की बैठक पर टिकी निगाहें: अब तमाम आंदोलनकारी शिक्षकों की नजर आगामी 8 सितंबर को स्कूल शिक्षा मंत्री के साथ होने वाली उच्च स्तरीय बैठक पर टिकी हुई है। देखना यह होगा कि इस बैठक में सरकार पदवृद्धि को लेकर क्या ठोस निर्णय लेती है।




