एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
कोलार रोड थाना क्षेत्र का सनसनीखेज मामला: पुराना केस वापस लेने का दबाव बनाने के लिए हिस्ट्रीशीटर ने आरक्षक को दी घर से अगवा कर हत्या की धमकी, कमिश्नर की सख्ती पर FIR दर्ज
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कोलार रोड थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक पुराने आपराधिक मामले में समझौता करने और केस वापस लेने का दबाव बनाने के लिए हिस्ट्रीशीटर बदमाशों ने एक पुलिस आरक्षक को ही सरेआम धमकाया और घर से अगवा कराने की धमकी दी। पुलिस कमिश्नर की सख्त दखलंदाजी और पूछताछ के बाद आखिरकार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है, वहीं इस मामले में कथित रूप से संलिप्त पाए गए एक अन्य आरक्षक को भी निलंबित कर दिया गया है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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आरक्षक को धमकाने का सनसनीखेज मामला: आरक्षक हेमंत सिंह चौहान ने हिस्ट्रीशीटर नितेश ठाकुर और आकाश सिंह परिहार पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। आरक्षक का आरोप है कि आरोपियों ने उसे घर से अगवा कराने, पूरे परिवार समेत जान से मारने और एक महीने के भीतर हत्या करने की खुली धमकी दी।
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मिले थे ताबड़तोड़ धमकी भरे कॉल्स: आरक्षक ने अपनी शिकायत में बताया कि 10 जून की रात 12:30 से 1:30 बजे के बीच उनके मोबाइल पर लगभग 35 से 40 धमकी भरे फोन और व्हाट्सएप कॉल आए, जिसमें आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए केस वापस लेने का दबाव बनाया। आरक्षक ने बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग पेनड्राइव के रूप में पुलिस को सौंपी थी, लेकिन इसके बावजूद शुरुआती स्तर पर जांच को लंबित रखा गया।
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पुलिस कमिश्नर की सख्ती पर दर्ज हुआ केस: दो दिन पहले जब पुलिस कमिश्नर ने कोलार पुलिस से इस प्रकरण की प्रगति की जानकारी मांगी, तो पता चला कि जांच पूरी होने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। कमिश्नर के कड़े निर्देशों के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। मुख्य आरोपी नितेश ठाकुर पर हाल ही में रातीबड़ में रियल एस्टेट कारोबारी राजा तोमर के घर के बाहर 11 राउंड फायरिंग करने का भी गंभीर आरोप है, जिसके चलते वह वर्तमान में जेल में बंद है।
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हिस्ट्रीशीटर की पत्नी और अन्य पर दूसरा मामला: कोलार पुलिस ने इसी से जुड़े एक अन्य मामले में नितेश ठाकुर की पत्नी रिचा ठाकुर और अतुल बघेल के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। शिकायतकर्ताओं (पंकज सिंह परिहार और ओम रजावत) के अनुसार, 20 सितंबर को जब वे दानियाहिल्स के पास प्रॉपर्टी देखने गए थे, तब आरोपियों ने उनकी गाड़ी रोककर विवाद किया और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। पीड़ितों ने पुलिस जांच में लीपापोती करने और आरोपियों को बचाने के प्रयास का भी आरोप लगाया है।
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संदिग्ध भूमिका पर पुलिसकर्मी निलंबित: रातीबड़ फायरिंग मामले की चल रही जांच के दौरान बागसेवनिया थाने के आरक्षक सत्यभान गुर्जर की संलिप्तता सामने आई। घटना वाले दिन वह उसी ‘होटल बेस्टीयन’ में मौजूद था जहां फायरिंग के आरोपी ठहरे हुए थे। जोन-1 डीसीपी विकास कुमार शाहवाल ने आरक्षक की इस संदिग्ध मौजूदगी पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और प्राथमिक जांच के आदेश दे दिए हैं।




