एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
एनआरआई कॉलेज की मनमानी पर उपभोक्ता आयोग का चाबुक: एलएलबी में बिना पात्रता के 3,500 रुपये वसूलने पर लगा 11,500 रुपये का जुर्माना
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में विद्यार्थियों के साथ होने वाली आर्थिक धोखाधड़ी और मनमानी के खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग ने एक सख्त और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। एलएलबी (LL.B.) पाठ्यक्रम में प्रवेश की पात्रता न होने के बावजूद एक छात्रा से रजिस्ट्रेशन के नाम पर 3,500 रुपये वसूलने और प्रवेश न मिलने पर राशि वापस न करना एनआरआई कॉलेज को भारी पड़ गया है। उपभोक्ता आयोग ने इसे ‘सेवा में कमी’ (Deficiency in Service) मानते हुए कॉलेज पर कुल 11,500 रुपये का जुर्माना लगाया है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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बिना पात्रता के वसूली और धोखाधड़ी: पिपलानी के सोनागिरी निवासी छात्रा अंशिका श्रीवास्तव ने एनआरआई कॉलेज में एलएलबी प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए 21 जुलाई 2025 को ऑनलाइन माध्यम से 3,500 रुपये का भुगतान किया था, जिसके एवज में कॉलेज ने रजिस्ट्रेशन स्लिप भी जारी की थी।
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प्रवेश देने से इनकार और राशि हड़पना: जब छात्रा ने आगे की प्रवेश प्रक्रिया के लिए कॉलेज से संपर्क किया, तो उसे बताया गया कि कॉलेज के पास एलएलबी में प्रवेश देने की पात्रता ही नहीं है। इसके बावजूद कॉलेज ने न तो छात्रा को प्रवेश दिया और न ही उसके द्वारा जमा किए गए 3,500 रुपये वापस किए। प्राचार्य को लिखित आवेदन देने के बाद भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तब पीड़िता ने जिला उपभोक्ता आयोग में शरण ली।
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उपभोक्ता आयोग का कड़ा फैसला: जिला उपभोक्ता आयोग क्रमांक-एक भोपाल के अध्यक्ष योगेश दत्त शुक्ल, सदस्य डॉ. प्रतिभा पांडेय और डॉ. संजीव सिंह की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए कॉलेज को दोषी करार दिया।
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आयोग के निर्देश और हर्जाना:
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कॉलेज को आदेश दिया गया है कि वह 3,500 रुपये की मूल राशि को 21 जुलाई 2025 से लेकर भुगतान की तिथि तक 9% वार्षिक ब्याज के साथ वापस करे।
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इसके साथ ही छात्रा को हुई मानसिक पीड़ा और परेशानी के एवज में 8,000 रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में देने के निर्देश भी दिए गए हैं। यह पूरी राशि कॉलेज को 45 दिनों के भीतर चुकानी होगी।
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