एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
मध्य प्रदेश सार्वजनिक परिवहन में नई तकनीक का आगाज: एसपीए भोपाल और आईआईएम इंदौर के साथ हुआ ऐतिहासिक अनुबंध, AI और स्मार्ट मोबिलिटी से सुधरेगी व्यवस्था
भोपाल: मध्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, सुगम और अत्याधुनिक तकनीक से लैस करने के लिए राज्य सरकार ने प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के साथ हाथ मिलाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की गरिमामयी उपस्थिति में, ‘मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड’ ने स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) भोपाल और आईआईएम (IIM) इंदौर के साथ एक महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय अनुबंध (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक अनुसंधान के जरिए प्रदेश की परिवहन प्रणाली को कायाकल्प देना है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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अनुबंध और साझीदारी: कंपनी के प्रबंध संचालक मनीष सिंह और एसपीए के निदेशक डॉ. कैलाश राव एम ने इस अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत परिवहन योजना, सड़क सुरक्षा, नीति निर्माण और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में अकादमिक और तकनीकी सहयोग बढ़ाया जाएगा।
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प्रमुख शोध और अध्ययन क्षेत्र: इस समझौते के अंतर्गत सड़क व सार्वजनिक परिवहन सुरक्षा, यातायात इंजीनियरिंग, शहरी-ग्रामीण मोबिलिटी, यात्री किराया अर्थशास्त्र और परिवहन नीति जैसे गंभीर विषयों पर तकनीकी सहायता और ज्ञान का आदान-प्रदान किया जाएगा।
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परिवहन नवाचार सेल का गठन: ‘मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड’ और आईआईएम इंदौर के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष ‘सार्वजनिक परिवहन नवाचार एवं साझेदारी सेल’ का गठन किया जाएगा। यह सेल परिवहन क्षेत्र की जमीनी चुनौतियों की पहचान कर उनके सटीक तकनीकी समाधान तैयार करेगा।
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स्टार्टअप्स और इनक्यूबेशन को बढ़ावा: आईआईएम इंदौर के इनक्यूबेशन इकोसिस्टम से जुड़े स्टार्टअप, युवा उद्यमियों और औद्योगिक भागीदारों को परिवहन क्षेत्र की प्राथमिकताओं के अनुसार नए समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। चयनित स्टार्टअप्स को मेंटरिंग, स्किलिंग और कारोबारी सहयोग प्रदान किया जाएगा।
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आधुनिक तकनीकों पर विशेष फोकस: इस साझीदारी के तहत मुख्य रूप से AI आधारित मोबिलिटी समाधान, परिचालन दक्षता, यात्री सुरक्षा, मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और ग्रीन मोबिलिटी (पर्यावरण अनुकूल परिवहन) को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा, जिससे यात्रियों का सफर और अधिक सुरक्षित व सुगम हो सके।




