एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
मध्य प्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले: दमोह-कटनी फोरलेन सड़क, घुमंतु वर्ग के हॉस्टल्स को ₹1 किलो राशन और सिंचाई-स्वास्थ्य परियोजनाओं को 2031 तक मंजूरी
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में मध्य प्रदेश के बुनियादी ढांचे, सिंचाई नेटवर्क, स्वास्थ्य सुविधाओं और छात्र कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को औपचारिक स्वीकृति दे दी गई है। सरकार के इन दूरगामी निर्णयों से प्रदेश में आवागमन सुगम होने के साथ-साथ स्वास्थ्य और कृषि सिंचाई के क्षेत्र में भी अभूतपूर्व मजबूती आएगी।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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दमोह-कटनी मार्ग फोरलेन प्रोजेक्ट: विंध्य विकास पथ योजना के तहत स्टेट हाईवे-63 पर स्थित 105.01 किमी लंबे दमोह-कटनी मार्ग को फोरलेन बनाने के लिए 4,470 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इस परियोजना को हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत पूरा किया जाएगा, जिसमें 60% राशि केंद्र और 40% राज्य सरकार वहन करेगी। भारी ट्रैफिक (10 हजार से अधिक पीसीयू) और आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं से मुक्ति के लिए यह निर्णय लिया गया है।
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घुमंतु और अर्ध-घुमंतु छात्रों के लिए सस्ता राशन: एससी-एसटी हॉस्टल्स की तर्ज पर अब विमुक्त, घुमंतु और अर्ध-घुमंतु वर्ग के छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को भी रियायती दरों पर खाद्यान्न मिलेगा। इसके तहत प्रति छात्र 12 किलो तक का पीडीएस अनाज 5 रुपये के बजाय मात्र 1 रुपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराया जाएगा।
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सिंचाई और स्वास्थ्य योजनाएं 2031 तक जारी: कैबिनेट ने स्वास्थ्य और सिंचाई से जुड़ी विभिन्न योजनाओं को 2031 तक जारी रखने का निर्णय लिया है, जिस पर आगामी 5 वर्षों में 24,500 करोड़ रुपये का बजट खर्च होगा। प्रमुख परियोजनाओं में शामिल हैं:
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रतनगढ़ सिंचाई परियोजना: 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य, 1,608 करोड़ रुपये आवंटित।
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रामपुरा-मनासा सिंचाई योजना (नीमच): 524 करोड़ रुपये मंजूर।
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बंदा वृहद सिंचाई परियोजना (सागर): 1,052 करोड़ रुपये स्वीकृत।
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कान्ह डायवर्जन प्रोजेक्ट: इंदौर की नालियों का गंदा पानी क्षिप्रा नदी में मिलने से रोकने के लिए 30 किमी लंबी अंडरग्राउंड टनल हेतु 358.22 करोड़ रुपये अतिरिक्त स्वीकृत।
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स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार: प्रदेश के सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के सुचारू संचालन के लिए 3,113 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके अलावा सिंगरौली जिला अस्पताल की क्षमता में 155 नए बेड जोड़कर इसे 605 बेड का बनाने हेतु 372 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
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नए प्रशासनिक कार्यालय: मऊगंज, छिंदवाड़ा, मैहर और टीकमगढ़ में नए जिला दफ्तरों के गठन के साथ 12 नए पदों के सृजन और 2.41 करोड़ रुपये के बजट को हरी झंडी मिल गई है।




