एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल / ऊर्जा डेस्क
मध्य प्रदेश के लिए राहत भरी खबर: 15 अक्टूबर से दूर होगा बिजली संकट, पंजाब से मिलेगी 550 मेगावाट बिजली; गांधीसागर पंप स्टोरेज प्लांट भी जल्द होगा शुरू
भोपाल: मध्य प्रदेश में इस बार मानसून के दौरान कम वर्षा होने के कारण पन बिजली (Hydro Power) उत्पादन पर असर पड़ा था, वहीं कोयले की आपूर्ति प्रभावित होने से थर्मल पावर प्लांट भी लड़खड़ा गए थे। इसके चलते प्रदेश के शहरी और ग्रामीण अंचलों में बिजली कटौती की स्थिति बन गई थी, जिससे किसानों की सिंचाई भी प्रभावित हो रही थी। हालांकि, अब राज्य की जनता को इस संकट से बड़ी राहत मिलने वाली है, क्योंकि 15 अक्टूबर से मध्य प्रदेश का बिजली संकट दूर होने जा रहा है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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पंजाब से मिलेगी 550 मेगावाट बिजली: मध्य प्रदेश ऊर्जा विभाग के अनुसार, खरीफ सीजन में मध्य प्रदेश द्वारा पंजाब को दी गई बिजली के एवज में अब पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSBCL) द्वारा 15 अक्टूबर से मार्च 2027 तक प्रतिदिन 550 मेगावाट बिजली मध्य प्रदेश को लौटाई जाएगी। यह पूरी व्यवस्था ‘बिना नकद भुगतान, बिजली के बदले बिजली’ (Power Banking) समझौते के तहत है।
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विशेष पावर बैंकिंग समझौता: रबी सीजन (सिंचाई के वक्त) में मध्य प्रदेश में बिजली की मांग बढ़कर 17,000 से 18,000 मेगावाट के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच जाती है। इसी संभावित संकट से निपटने के लिए दोनों राज्यों के बीच यह समझौता है, जिसके तहत एमपी सर्दियों में बिजली लेता है और गर्मियों में वापस करता है, जबकि पंजाब सर्दियों में बिजली देता है और गर्मियों में लेता है।
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गांधीसागर में दिसंबर से शुरू होगा 2000 मेगावाट का प्लांट: मध्य प्रदेश के नीमच-मंदसौर जिले में गांधीसागर के पास 1,920 मेगावाट (लगभग 2000 मेगावाट) क्षमता का पंप हाइड्रो स्टोरेज प्लांट इसी साल दिसंबर से शुरू होने जा रहा है। इसके शुरू होने के बाद राज्य में बिजली की उपलब्धता पूरी तरह सुनिश्चित हो जाएगी।
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अधिकारियों का बयान: मप्र पावर मैनेजमेंट कंपनी लि. के कार्यकारी निदेशक (ED) राजीव कुमार गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि पंजाब के साथ बैंकिंग समझौते के तहत रबी सीजन में मप्र को पर्याप्त बिजली मिलने लगेगी, जिससे किसानों और आम उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।




