एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
भोपाल स्टेशन पर बड़ा हादसा टला: चलती ट्रेन से उतरने के दौरान ट्रैक और प्लेटफॉर्म के बीच फंसी मां और 15 वर्षीय बेटी; आरपीएफ आरक्षक ने तत्परता से बचाई जान
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल रेलवे स्टेशन पर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ ट्रेन छूटने की हड़बड़ी में चलती गाड़ी से नीचे उतरने की कोशिश कर रही एक महिला और उसकी नाबालिग बेटी ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच जा गिरीं। गनीमत यह रही कि मौके पर ड्यूटी पर तैनात रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के एक सतर्क आरक्षक ने सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए दोनों की जान बाल-बाल बचा ली। यह पूरी घटना स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गई है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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घटना का क्रम: मंगलवार सुबह करीब 7:35 बजे ट्रेन नंबर 12156 ‘शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस’ भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 से रवाना हो रही थी। इसी दौरान हजरत निजामुद्दीन से सफर कर रही एक महिला और उनकी 15 वर्षीय बेटी जनरल कोच के गेट से उतरने की कोशिश करने लगीं।
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कैसे हुआ हादसा: महिला की बेटी सफर के दौरान बाथरूम गई हुई थी और ट्रेन के चलने पर वह वापस लौटी। बेटी को अकेला छोड़ने के डर से मां ने भी चलती ट्रेन से उतरने की जिद और जल्दबाजी दिखाई, जिससे दोनों का पैर फिसल गया और वे चलती ट्रेन तथा प्लेटफॉर्म के बीच के खतरनाक गैप में जा फंसीं।
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आरक्षक की मुस्तैदी से बची जान: प्लेटफॉर्म नंबर-1 से 3 के बीच ए-3 और ए-5 बीट पर ड्यूटी निभा रहे आरपीएफ आरक्षक मधुसूदन यादव की नजर तुरंत इन दोनों महिला यात्रियों पर पड़ी। उन्होंने बिना एक पल गंवाए तेजी दिखाते हुए दोनों को खींचकर सुरक्षित प्लेटफॉर्म पर बाहर निकाल लिया।
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यात्रियों की स्थिति: इस भयानक हादसे में मां-बेटी को मामूली चोटें आईं। प्राथमिक उपचार से इनकार करने के बाद उन्हें सुरक्षित रूप से स्टेशन परिसर से बाहर भेज दिया गया।
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सुरक्षा संदेश: इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि चलती हुई ट्रेन में चढ़ना या उतरना कितना जानलेवा साबित हो सकता है। थोड़ी-सी जल्दबाजी न सिर्फ यात्रियों बल्कि उनके पूरे परिवार को भारी पड़ सकती है।




