एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
मध्य प्रदेश में यात्री परिवहन को आधुनिक बनाने की पहल: आईआरसीटीसी की तर्ज पर अब मोबाइल एप से बुक होंगे बसों के टिकट; भोपाल और इंदौर से होगी शुरुआत
भोपाल: मध्य प्रदेश में बस से सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी और सुविधाजनक व्यवस्था जल्द शुरू होने जा रही है। रेलवे की ‘आईआरसीटीसी’ (IRCTC) सेवा की तर्ज पर अब यात्री घर बैठे मोबाइल एप के जरिए बस का रूट, बोर्डिंग पॉइंट (चढ़ने का स्थान) और अपने गंतव्य का चयन कर ऑनलाइन टिकट बुक कर सकेंगे। मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MP-YPIL) द्वारा ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के तहत इस आधुनिक मोबाइल एप को तैयार कराया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत सबसे पहले भोपाल और इंदौर के आईएसबीटी (ISBT) से किए जाने की योजना है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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सुगम परिवहन सेवा और मोबाइल एप: इस नई व्यवस्था के तहत यात्रियों को बस स्टैंड पर लंबी लाइनों से मुक्ति मिलेगी। यात्री घर बैठे आसानी से रूट और सीटों की जानकारी लेकर ऑनलाइन टिकट बुक कर सकेंगे। हालांकि, परिवहन विभाग द्वारा अभी एप का आधिकारिक नाम, डाउनलोड लिंक और लॉन्चिंग की तारीख की घोषणा नहीं की गई है।
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सुरक्षा और लाइव जीपीएस निगरानी: यात्रियों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए इस योजना के तहत बसों में जीपीएस (GPS) और कैमरे हर समय चालू रखना अनिवार्य किया गया है, जिससे बसों की लाइव लोकेशन और मूवमेंट पर लगातार नजर रखी जा सकेगी।
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कंडक्टर और यात्रियों पर सख्त कार्रवाई: ‘सुगम परिवहन सेवा’ के नियमों के तहत यदि कोई कंडक्टर किराया लेने के बावजूद यात्री को टिकट नहीं देता है, तो उस पर जुर्माना लगाने और केस दर्ज करने का कड़ा प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, बिना टिकट यात्रा करते पकड़े जाने पर संबंधित यात्रियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
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ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर की सौगात: सड़क हादसों पर अंक लगाने और चालकों को पेशेवर रूप से प्रशिक्षित करने के लिए प्रदेश भर में 38 नए ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, छतरपुर और बैतूल में बनने वाले पाँच रीजनल ड्राइविंग सेंटर भी शामिल हैं।
महत्वपूर्ण सलाह: परिवहन विभाग या किसी आधिकारिक एजेंसी द्वारा एप का नाम और लिंक जारी किए जाने तक यात्रियों को किसी भी अनधिकृत या फर्जी एप से बस टिकट बुक करने से बचने की सलाह दी जाती है। टिकटिंग, भुगतान के तरीकों और रिफंड से जुड़े स्पष्ट नियम आधिकारिक घोषणा के बाद ही सार्वजनिक किए जाएंगे।




