एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia)
भोपाल / मौसम डेस्क
मध्य प्रदेश में दशहरे पर बिगड़ेगा मौसम का मिजाज: इंदौर-भोपाल समेत कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, रावण के पुतले भीगे और किसानों की फसल को नुकसान
भोपाल: मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है और मानसून की विदाई के बाद अक्टूबर माह में बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने दशहरे के अवसर पर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में आंधी और बारिश की संभावना जताई है। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे त्योहार की तैयारियों और आयोजनों पर असर पड़ा है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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दशहरे के दिन इन जिलों में बारिश का अनुमान: मौसम विभाग के अनुसार, 20 अक्टूबर (दशहरा) को इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, हरदा और बैतूल में बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (आंधी) चलने के आसार हैं, जबकि पूर्वी हिस्से में मौसम साफ और धूप वाला रहेगा।
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सोमवार को भी 15 जिलों में चेतावनी: दशहरे से एक दिन पहले सोमवार को भोपाल, उज्जैन, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, सीहोर, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर और दमोह में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी दी गई है।
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तेज बारिश से पंडाल उड़े और रावण के पुतले भीगे: रविवार को इंदौर, सीहोर और शाजापुर में हुई तेज बारिश से खासा नुकसान हुआ है। सीहोर और महू में तेज हवाओं के कारण गरबा और माता के पंडालों के टेंट उड़ गए तथा उनमें पानी भर गया। कई जगहों पर रावण दहन के लिए तैयार किए गए पुतले भीग गए हैं।
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किसानों की बढ़ी चिंता, मंडी में मक्का बहा: गुना में रविवार शाम मूसलाधार बारिश के चलते खेतों में कटी पड़ी मक्का की फसल भीग गई। मंडियों में खुले में सूखाए जा रहे अनाज और मक्का बह जाने से व्यापारियों और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
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क्यों बदला मौसम: मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, प्रदेश के पश्चिमी हिस्से से एक ट्रफ गुजर रही है और साथ ही साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) सक्रिय है। इन दो प्रणालियों के प्रभाव से अगले चार दिनों तक पश्चिमी मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज ऐसा ही बने रहने की संभावना है।
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बारिश का कोटा: प्रदेश के 25 जिलों में इस वर्ष मानसून का कोटा पूरा हो चुका है, जबकि 30 जिलों में अभी भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।




