एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia)
भोपाल / स्वास्थ्य एवं प्रशासन डेस्क
भोपाल में डेंगू रोकथाम को लेकर कलेक्टर प्रियंक मिश्रा सख्त: खाली प्लॉटों में गंदगी और जलभराव मिलने पर लगेगा ‘स्पॉट फाइन’, स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा में दिए गए कड़े निर्देश
भोपाल: जिला स्वास्थ्य एवं पोषण समिति की संयुक्त बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने की। बैठक के दौरान शहर में बढ़ रहे डेंगू के मामलों पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई। इसे देखते हुए नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग को संयुक्त रूप से डेंगू हॉटस्पॉट का सर्वे करने और खाली प्लॉटों में जलभराव व गंदगी मिलने पर तुरंत स्पॉट फाइन (Spot Fine) लगाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। साथ ही गर्भवती महिलाओं की बेहतर देखभाल और डिजिटल स्वास्थ्य आईडी पर भी विशेष फोकस किया गया है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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डेंगू रोकथाम पर सख्ती: शहर में मच्छरों के पनपने से रोकने के लिए नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीमें संयुक्त सर्वे करेंगी। जिन खाली प्लॉटों में गंदगी या पानी भरा हुआ पाया जाएगा, वहां संपत्ति मालिकों पर स्पॉट फाइन लगाया जाएगा।
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गर्भवती महिलाओं और ‘सुमन पंचायत’ पर जोर: फंदा और बैरसिया ब्लॉक में ‘सुमन पंचायत’ के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत एएनसी (ANC) पंजीयन, समय पर जांच, और ‘हाई रिस्क’ गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सके। आशा, एएनएम और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
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आभा आईडी (ABHA ID) का निर्माण: आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत लोगों के डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड के लिए अधिक से अधिक ‘आभा आईडी’ बनाने पर जोर दिया गया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सके।
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बुजुर्गों के आधार पंजीयन पर फोकस: 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के शत-प्रतिशत आधार पंजीयन को प्राथमिकता देने को कहा गया है, ताकि दस्तावेजों की त्रुटियों को दूर कर हर पात्र बुजुर्ग को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।




