एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia)
भोपाल / प्रशासन एवं परिवहन डेस्क
भोपाल ISBT में बसों में आगजनी के बाद नगर निगम का कड़ा एक्शन: परिसर को पार्किंग या गैरेज बनाने पर रोक, लंबे समय से खड़ी बसों पर लगेगा जुर्माना और वसूला जाएगा किराया
भोपाल: राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) परिसर में हाल ही में खड़ी आठ बसों में आग लगने की घटना के बाद नगर निगम प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने मंगलवार को ISBT का औचक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था और बसों के संचालन का जायजा लिया। निगम ने स्पष्ट किया है कि अब आईएसबीटी को पार्किंग या गैरेज के रूप में इस्तेमाल नहीं करने दिया जाएगा। परिसर में लंबे समय से बिना संचालन के खड़ी बसों के संचालकों को नोटिस जारी किए जाएंगे और जुलाई माह से अब तक का किराया वसूला जाएगा।
मुख्य बिंदु (Highlights)
-
सिमित समय के लिए ही रुकेंगी बसें: निगमायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आईएसबीटी परिसर में बसों को केवल यात्रियों को बैठाने और उतारने के दौरान ही सीमित समय के लिए रुकने की अनुमति होगी। इसे अवैध पार्किंग या रिपेयरिंग गैरेज नहीं बनने दिया जाएगा।
-
जुलाई से खड़ी चार बसों पर शिकंजा: निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि वर्मा ट्रेवल्स से जुड़ी चार बसें (एमपी-04-पी-0297, एमपी-04-ए-3753, एमपी-04-एई-3073 और एमपी-04-ईए-4345) जुलाई महीने से लगातार परिसर में खड़ी हैं। निगम अब इन बसों के संचालकों से जुलाई से लेकर अब तक का किराया वसूलने और इन्हें तत्काल हटाने की तैयारी कर रहा है।
-
फायर सेफ्टी और हाइड्रेंट की स्थापना: हालिया अग्निकांड से सबक लेते हुए निगम ने ISBT परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। परिसर में आग से बचाव के लिए फायर हाइड्रेंट (Fire Hydrant) स्थापित किए जाएंगे और पूरी विद्युत वायरिंग की तकनीकी जांच कराई जाएगी, क्योंकि ऊपर की मंजिलों पर निगम का परिषद हाल और पंजीयन कार्यालय भी संचालित होते हैं।
-
साइक्लों और ई-बाइक्स का पीपीपी मॉडल: पूर्व में जिस स्थान पर बसों में आग लगी थी, उसके पास ही स्मार्ट सिटी की साइकिलें और ई-बाइसाइकिलें भी खड़ी थीं। निगमायुक्त ने इनका जायजा लेते हुए इन्हें सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP मॉडल) पर संचालित करने और स्वयं इनका परीक्षण करने की बात कही है।




