एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia)
भोपाल / शासन-प्रशासन डेस्क
मध्य प्रदेश में पीएनजी और एलपीजी को लेकर कड़े नियम: पाइपलाइन आने के 90 दिन में लेना होगा PNG कनेक्शन, 30 दिन में सिलेंडर करना होगा सरेंडर
भोपाल: मध्य प्रदेश में पाइपेड नेचुरल गैस (PNG) के तेजी से हो रहे विस्तार को देखते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने कड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं। राज्य में अब तक 3.88 लाख से अधिक घरों तक पीएनजी कनेक्शन पहुंच चुके हैं। नई नीति के तहत, जिन क्षेत्रों में पीएनजी लाइन बिछाई जा चुकी है, वहां उपभोक्ताओं को नोटिस मिलने के 90 दिनों के भीतर पीएनजी कनेक्शन लेना अनिवार्य कर दिया गया है। तय समय में कनेक्शन न लेने पर एलपीजी (LPG) सिलेंडर की आपूर्ति रोक दी जाएगी।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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डबल कनेक्शन पर रोक और 30 दिन की समयसीमा: नियमों के मुताबिक, कोई भी उपभोक्ता एक साथ एलपीजी और पीएनजी दोनों का उपयोग नहीं कर सकता। पीएनजी कनेक्शन मिलने के 30 दिनों के भीतर पुराना एलपीजी सिलेंडर और रेगुलेटर सरेंडर करना अनिवार्य होगा।
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स्थानांतरण (Transfer Voucher) की सुविधा: खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी उपभोक्ता को भविष्य में ऐसे क्षेत्र में जाना पड़े जहां पीएनजी उपलब्ध नहीं है, तो वे एलपीजी के लिए ट्रांसफर वाउचर (TV) प्राप्त कर सकते हैं।
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मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का बयान: खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि ‘मध्य प्रदेश शहरी गैस वितरण नेटवर्क विकास एवं विस्तार नीति’ के तहत यह प्रावधान किया गया है ताकि स्वच्छ ऊर्जा का दायरा बढ़ाया जा सके। नेटवर्क के विस्तार के लिए 25 भौगोलिक क्षेत्रों में 10 कंपनियां काम कर रही हैं।
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सीएनजी और पीएनजी का विस्तार: प्रदेश में अब तक घरेलू पीएनजी कनेक्शन 3.88 लाख से ज्यादा घरों तक पहुँच चुके हैं, जबकि वाहनों के लिए 433 सीएनजी स्टेशन भी संचालित किए जा रहे हैं।




