एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia)
भोपाल / शासन-प्रशासन डेस्क
मध्य प्रदेश में पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की मांग: कर्मचारियों के समान जनवरी 2026 से दी जाए महंगाई राहत, अलग-अलग तिथियों पर जताया कड़ा विरोध
भोपाल: मध्य प्रदेश के पेंशनभोगियों को जुलाई 2026 के बजाय जनवरी 2026 से ही महंगाई राहत (DR) दिए जाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल को पत्र लिखकर इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई है कि जब राज्य के सेवारत कर्मचारियों को जनवरी 2026 से महंगाई भत्ता मिल रहा है, तो फिर बुजुर्ग पेंशनरों को जुलाई 2026 से लाभ देकर उनके साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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एसोसिएशन की कड़ी आपत्ति: वर्तमान में प्रदेश के चार लाख से अधिक पेंशनरों को जुलाई 2026 से 60 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत दिए जाने का प्रावधान किया गया है, जिसका पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने खुलकर विरोध किया है।
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सीएम और मुख्य सचिव को पत्र: एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष आमोद सक्सेना और संरक्षक गणेश दत्त जोशी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव व मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल को भेजे गए पत्र में स्पष्ट कहा है कि कर्मचारी और पेंशनर दोनों एक जैसी बाजार व्यवस्था और महंगाई के दायरे में आते हैं, इसलिए दोनों के लिए महंगाई राहत और भत्ते की तारीख अलग-अलग तय करना न्यायसंगत नहीं है।
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एकसमान लाभ की मांग: संगठन ने सरकार से मांग की है कि नियमों में संशोधन कर पेंशनरों को भी कर्मचारियों की तर्ज पर जनवरी 2026 से ही महंगाई राहत का भुगतान किया जाए, ताकि आर्थिक तंगी का सामना कर रहे बुजुर्गों को उचित राहत मिल सके।




