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ब्लैकमेलिंग और सूदखोरी का एंगल, दो थानों की पुलिस करेगी पड़ताल

एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia)

भोपाल / अपराध एवं विशेष डेस्क

भोपाल के मालीखेड़ी सामूहिक आत्महत्या-हत्या मामला: आर्थिक तंगी, कर्ज, सूदखोरी और ब्लैकमेलिंग के एंगल से होगी दो थानों की पुलिस द्वारा जांच; एक साथ हुआ पांचों का अंतिम संस्कार

भोपाल: राजधानी भोपाल के छोला मंदिर थाना क्षेत्र के अंतर्गत मालीखेड़ी इलाके में हुए सनसनीखेज सामूहिक हत्याकांड और आत्महत्या मामले में पुलिस ने जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया है। इस মর্মান্তिक घटना में नरेंद्र साहू द्वारा अपनी मां, पत्नी और दो बच्चों की हत्या करने के बाद खुद आत्महत्या कर लिए जाने के मामले में मंगलवार को पोस्टमार्टम के पश्चात सभी शव परिजनों को सौंप दिए गए, जिसके बाद गमगीन माहौल में पांचों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। अब पुलिस इस पूरे मामले की तह तक जाने के लिए आर्थिक तंगी, कारोबार में भारी घाटा, सूदखोरी और ब्लैकमेलिंग के एंगल से गहन पड़ताल कर रही है।

प्रमुख बिंदु (Highlights)

  • दो अलग-अलग थाने करेंगे जांच: इस गंभीर मामले की जांच के लिए अब छोला मंदिर और सूखी सेवनिया थाना पुलिस संयुक्त रूप से काम करेगी। छोला मंदिर पुलिस ने फिलहाल मर्ग कायम किया है, और मां, पत्नी व दोनों बच्चों की मौत के मामले में हत्या का औपचारिक प्रकरण दर्ज किया जाएगा। वहीं, सूखी सेवनिया पुलिस मर्ग की जांच करते हुए नरेंद्र को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और ब्लैकमेल करने वाले संदिग्धों से पूछताछ करेगी।

  • परिजनों के गंभीर आरोप: मृतक नरेंद्र साहू के जीजा दीपक ने मीडिया और पुलिस को दिए बयानों में आरोप लगाया है कि नरेंद्र पिछले करीब एक साल से भयंकर मानसिक तनाव में था। उसने कर्ज, व्यापार में घाटा और कुछ महिलाओं द्वारा ब्लैकमेल किए जाने से परेशान होकर यह खौफनाक कदम उठाया। परिवार का दावा है कि दो अलग-अलग महिलाएं और सूद पर पैसे देने वाले लोग उसे लगातार प्रताड़ित कर रहे थे।

  • कॉल डिटेल और मोबाइल की फॉरेंसिक जांच: जोन-4 के एसीपी शशांक जैन ने जानकारी दी है कि परिजनों के विस्तृत बयान दर्ज कर लिए गए हैं, और उनके द्वारा लगाए गए सभी आरोपों समेत तमाम बिंदुओं पर निष्पक्ष जांच की जाएगी। सूखी सेवनिया इलाके से जब्त किए गए नरेंद्र के मोबाइल फोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा, जिसकी कॉल डिटेल (CDR) से कई अहम राज खुलने की उम्मीद है।

कैसे कर्ज और आर्थिक तंगी के दलदल में फंसा नरेंद्र?

पुलिस और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ समय पहले तक नरेंद्र की आर्थिक स्थिति काफी बेहतर थी। वह दो साल पहले आईएसबीटी के एक प्रतिष्ठित होटल में 10 लाख रुपये सालाना पैकेज पर ‘हेड शेफ’ के रूप में कार्यरत था।

  • वेतन भुगतान में देरी और बकाया: शुरुआती महीनों में होटल संचालक द्वारा समय पर वेतन दिया गया, लेकिन बाद में भुगतान में अनियमितता शुरू हो गई। नौकरी छोड़ने के वक्त उसके लगभग 5 महीने का करीब 5 लाख रुपये का वेतन बकाया था।

  • कारोबार में घाटा और बढ़ता कर्ज: नौकरी छोड़ने के बाद नरेंद्र ने खुद का होटल कारोबार शुरू किया, जिसमें बड़ा घाटा होने पर उसे वह काम बंद करना पड़ा। इसके बाद उसने सेकंड हैंड गाड़ियों (कार) का कारोबार शुरू किया, लेकिन वहां भी बात नहीं बनी। बैंक लोन और बाजार का कर्ज चुकाने के लिए उसे अपना मकान तक बेचना पड़ गया, इसके बावजूद उस पर करीब 25 लाख रुपये का भारी-भरकम कर्ज बकाया रह गया था।

नेहा और सिमर के संबंधों व सूदखोरी की होगी पड़ताल

जांच के दौरान पुलिस ‘नेहा’ और ‘सिमर’ नामक दो महिलाओं तथा नरेंद्र के साथ उनके कथित संबंधों और लेन-देन की कड़ियां जोड़ रही है। परिजनों का आरोप है कि इनमें से एक महिला उसे लगातार ब्लैकमेल कर रही थी। इसके अलावा, उसके दोस्त देवा से ऊंचे ब्याज पर (सूद पर) रुपये लेने और उधार न चुका पाने की स्थिति में मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने की बातें भी सामने आ रही हैं। पुलिस इन सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि इस वीभत्स घटना के पीछे असल में कौन-कौन लोग जिम्मेदार थे।

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