एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia)
भोपाल / अपराध एवं भ्रष्टाचार डेस्क
टीएंडसीपी की पूर्व संयुक्त संचालक सुनीता सिंह पर लोकायुक्त का शिकंजा: आय से 250% अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज; पेट्रोल पंप, फार्म हाउस और कई मकानों का खुलासा
भोपाल: मध्य प्रदेश के नगर तथा ग्राम निवेश (T&CP) विभाग की भोपाल की पूर्व संयुक्त संचालक सुनीता सिंह पर भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों में कानूनी शिकंजा कस गया है। लोकायुक्त पुलिस ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। यह कार्रवाई लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश और उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह के मार्गदर्शन में विशेष पुलिस स्थापना (लोकायुक्त) भोपाल इकाई द्वारा की गई है।
प्रमुख बिंदु (Highlights)
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आय से 250% अधिक संपत्ति का आरोप: लोकायुक्त की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि सुनीता सिंह ने अपने लंबे सेवाकाल के दौरान अपनी कुल वैध आय की तुलना में लगभग 250 प्रतिशत अधिक असमानुपातिक चल और अचल संपत्तियां जुटाई हैं।
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भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस: लोकायुक्त पुलिस ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)बी सहपठित 13(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है और अब इस मामले में विस्तृत विवेचना शुरू कर दी गई है।
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पेट्रोल पंप, फार्म हाउस और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स: जांच के दौरान भोपाल शहर और आसपास के इलाकों में उनके तथा उनके परिजनों के नाम पर कई आलीशान मकान, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, कृषि फार्म हाउस और एक पेट्रोल पंप जैसी संपत्तियों का पता चला है। विशेष रूप से रायसेन रोड पर स्थित पेट्रोल पंप के मामले से वे सबसे ज्यादा चर्चा में आई थीं।
कई अहम विभागों में रह चुकी हैं पदस्थ
सुनीता सिंह दिसंबर 2025 में शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) हुई थीं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, उन्होंने अपने सेवाकाल का अधिकांश समय टीएंडसीपी (T&CP) विभाग में ही बिताया, इसके अलावा वे अपने कार्यकाल के दौरान भोपाल नगर निगम, मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड और मंडी बोर्ड में भी विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि दर्ज किए गए मामले की विवेचना के दौरान उनकी समस्त संपत्तियों का नए सिरे से मूल्यांकन किया जा रहा है, जिससे जांच आगे बढ़ने पर कई अन्य बड़े खुलासे होने की संभावना है।




