एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
मध्य प्रदेश में साइबर सुरक्षा को बड़ा बूस्ट: पुलिस और जेल कर्मियों को मिलेगी एडवांस डिजिटल ट्रेनिंग, गांधीनगर के राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के साथ हुआ अहम अनुबंध
भोपाल: डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल और उससे जुड़ी साइबर चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में मंगलवार को गांधीनगर स्थित राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (RRU) और मध्य प्रदेश शासन के बीच एक महत्वपूर्ण अनुबंध (एमओयू) संपन्न हुआ। इसके तहत अब प्रदेश के पुलिस और जेल मुख्यालय के अधिकारियों व कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा और डिजिटल फोरेंसिक का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मुख्य बिंदु (Highlights)
-
पुलिस और जेल महकमे को विशेष प्रशिक्षण: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जैसे-जैसे डिजिटल प्रणालियों का दायरा बढ़ रहा है, वैसे-वैसे साइबर अपराधों की चुनौतियां भी गंभीर हो रही हैं। इनसे निपटने के लिए राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय पुलिस और जेल विभाग के कार्मिकों के कौशल विकास और प्रशिक्षण में पूरा सहयोग करेगा।
-
आरजीपीवी के साथ रिलेशनशिप एग्रीमेंट: भोपाल में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के सुचारू संचालन और विस्तार के लिए RRU और राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) के बीच भी एक रिलेशनशिप एग्रीमेंट हुआ है।
-
10 एकड़ में बनेगा स्थायी परिसर: भोपाल में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय का स्थायी परिसर आरजीपीवी की 10 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। फिलहाल आरजीपीवी के अस्थायी भवन से इसका संचालन हो रहा है, जिसकी शुरुआत 22 सितंबर 2025 को हुई थी।
-
संचालित पाठ्यक्रम: वर्तमान में इस परिसर में साइबर सिक्योरिटी में बीटेक (B.Tech) और डिजिटल फोरेंसिक एवं साइबर सिक्योरिटी में एमएससी (M.Sc) जैसे आधुनिक पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं, जिनमें फिलहाल 84 छात्र अध्ययनरत हैं। इस उच्चस्तरीय प्रशिक्षण और अकादमिक विस्तार से प्रदेश में साइबर अपराधों की जांच और डिजिटल फोरेंसिक क्षमता को अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी।




