एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
भोपाल मेट्रो की कमाई बढ़ाने का नया मेगा प्लान: 8 स्टेशनों की होगी को-ब्रांडिंग, 700 से ज्यादा पिलरों पर विज्ञापन और कोच में मना सकेंगे सेलिब्रेशन
भोपाल: भोपाल मेट्रो में यात्रियों की संख्या उम्मीद से कम रहने के चलते मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) ने अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए एक बड़ा प्लान तैयार किया है। केवल टिकट बिक्री पर निर्भर रहने के बजाय अब मेट्रो प्रशासन ने गैर-किराया आय (Non-Fare Revenue) बढ़ाने के रास्ते खोल दिए हैं। इसके तहत स्टेशनों की ब्रांडिंग, 700 से अधिक पिलरों पर विज्ञापन और मेट्रो कोच में बर्थडे-पार्टी जैसी गतिविधियों को मंजूरी दी गई है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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8 मेट्रो स्टेशनों की सेमी-नेमिंग और को-ब्रांडिंग: एमपीएमआरसीएल ने भोपाल और इंदौर मेट्रो के चुनिंदा स्टेशनों के अधिकार देने के लिए टेंडर जारी किए हैं। भोपाल में एम्स से सुभाष नगर तक के 8 स्टेशनों (एम्स, अलकापुरी, डीआरएम ऑफिस, रानी कमलापति, एमपी नगर, बोर्ड ऑफिस चौराहा, केंद्रीय विद्यालय और सुभाष नगर) को इस योजना में शामिल किया गया है। कंपनियां तीन साल के लिए इन स्टेशनों के नाम के साथ अपनी ब्रांडिंग जोड़ सकेंगी, जिसके लिए 22 से 29 अक्टूबर तक बोलियां लगाई जाएंगी।
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स्टेशन की खाली जगह और 700 पिलरों का इस्तेमाल: व्यावसायिक उपयोग के लिए बोर्ड ऑफिस चौराहा स्टेशन की 620 वर्गमीटर और सुभाष नगर स्टेशन की 2470 वर्गमीटर खाली जगह लाइसेंस पर दी जा रही है। इसके अलावा, प्राथमिक कॉरिडोर के 700 से ज्यादा एलिवेटेड पिलरों और स्टेशनों पर इनडोर-आउटडोर विज्ञापनों के अधिकार भी कंपनियों को दिए जा रहे हैं।
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मेट्रो कोच में सेलिब्रेशन ऑन व्हील्स: गैर-किराया आय बढ़ाने के लिए शुरू की गई इस अनोखी योजना के तहत लोग मेट्रो कोच में बर्थडे पार्टी, किटी पार्टी, प्री-वेडिंग शूट या फिल्म की शूटिंग जैसे आयोजन कर सकते हैं। इसके लिए खड़े हुए कोच का शुल्क 5,000 रुपये प्रति घंटा और चलती मेट्रो का शुल्क 7,000 रुपये प्रति घंटा तय किया गया है।




