एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia)
भोपाल / शासन-प्रशासन डेस्क
मध्य प्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले: सांदीपनि स्कूलों के परिवहन भत्ते में 110% की भारी बढ़ोतरी, चार सिंचाई परियोजनाओं के लिए 3,076 करोड़ मंजूर
भोपाल: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार द्वारा हाल ही में संपन्न कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास, शिक्षा, कृषि और महिला सशक्तिकरण को लेकर कई दूरगामी और महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। सरकार ने आदिवासी अंचल के विद्यार्थियों की सुगम आवाजाही से लेकर राज्य के चार जिलों में सिंचाई क्षमता को मजबूत करने के लिए भारी-भरकम बजट को हरी झंडी दिखाई है। इसके साथ ही नए गठित जिलों में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने के लिए नए कार्यालयों और पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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सांदीपनि विद्यालयों के परिवहन भत्ते में 110% की वृद्धि:
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आदिवासी अंचल में संचालित 94 सांदीपनि विद्यालयों के विद्यार्थियों को बेहतर और सुरक्षित बस सुविधा देने के लिए जनजातीय कार्य विभाग के प्रस्ताव पर 241.88 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है।
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इसके तहत स्कूल बसों की परिवहन दर में 110 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। अब तक प्रति छात्र 10,000 रुपये सालाना दिए जाते थे, जिसे बढ़ाकर 21,000 रुपये सालाना कर दिया गया है।
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इस व्यवस्था में हर साल 5 प्रतिशत की मूल्य वृद्धि भी जोड़ी जाएगी। बसों का संचालन पूरी तरह से आउटसोर्स के माध्यम से आईटी-बेस्ड प्लेटफॉर्म और डिजिटल मॉनिटरिंग के तहत किया जाएगा।
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चार जिलों की सिंचाई परियोजनाओं के लिए 3,076 करोड़ स्वीकृत: प्रदेश के चार प्रमुख जिलों में सिंचाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए कुल 3,076.37 करोड़ रुपये की निरंतरता और विस्तार योजनाओं को मंजूरी मिली है:
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बुरहानपुर (झिरमिटिया परियोजना): 922.91 करोड़ रुपये मंजूर, जिससे खकनार तहसील के 42 गांवों की 17,700 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।
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रायसेन (बारना परियोजना): 82.49 करोड़ रुपये मंजूर, जिसके तहत नहरों का विस्तार और जीर्णोद्धार किया जाएगा।
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मंदसौर (कयामपुर-सीतामऊ परियोजना): 750.83 करोड़ रुपये स्वीकृत, जिससे लगभग 1.12 लाख हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा।
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सिंगरौली (चितरंगी परियोजना): 1,320.14 करोड़ रुपये मंजूर, जिससे 32,125 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी।
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नए जिलों में महिला एवं बाल विकास के जिला कार्यालय: प्रदेश के चार नवनिर्मित जिलों—निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में महिला एवं बाल विकास विभाग के नए जिला कार्यालय स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए 24 नए पदों के सृजन और प्रतिस्थापन के माध्यम से 12 अन्य पदों की स्वीकृति दी गई है।
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आउटसोर्स आधार पर नियुक्तियां: समेकित बाल संरक्षण योजना और सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 के तहत आवश्यकतानुसार आउटसोर्स के आधार पर कर्मचारियों की नियुक्ति की अनुमति भी प्रदान की गई है, जिससे जमीनी स्तर पर योजनाओं के संचालन में तेजी आएगी।




