एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia)
मनोरंजन एवं सिनेमा डेस्क
रणबीर-साई पल्लवी की फिल्म ‘रामायण’ के गानों पर छिड़े विवाद पर एआर रहमान का करारा जवाब: कहा- ‘मैं पुरानी सफलताओं के सहारे नहीं बैठ सकता, नदी की तरह बहना जरूरी’
मुंबई: रणबीर कपूर और साई पल्लवी की आगामी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ अपनी रिलीज से पहले ही लगातार चर्चा और सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का शिकार हो रही है। कास्ट, वीएफएक्स और कॉस्ट्यूम के बाद अब फिल्म के गानों और संगीत को लेकर मशहूर संगीतकार एआर रहमान को सोशल मीडिया पर जमकर निशाना बनाया जा रहा है। हाल ही में रिलीज हुए ‘रावण तांडव’ और ‘मंगल रंग’ जैसे गानों पर मिल रही तीखी प्रतिक्रियाओं के बीच अब एआर रहमान ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए ट्रोलर्स को करारा जवाब दिया है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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ट्रोलिंग पर एआर रहमान का दो टूक जवाब: ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ को दिए गए इंटरव्यू में एआर रहमान ने ट्रोलिंग पर बात करते हुए कहा कि वे सोशल मीडिया के फीडबैक पर ध्यान देने के बजाय अपने काम पर फोकस करते हैं। उन्होंने कहा, “हम चीजों को फिल्टर करते हैं, नए विचार लाते हैं और काफी मेहनत करते हैं। हमारे पास फीडबैक देखने की एनर्जी नहीं बचती। मेरा बेटा मुझे सोशल मीडिया की बातें बताता है, लेकिन मैं उससे कहता हूं कि मैंने पूरी ईमानदारी के साथ अपना काम किया है।”
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पुरानी सफलता के भरोसे न बैठने की बात: रहमान ने आगे कहा कि शुरुआती 10 सालों के बाद लोगों ने उन्हें वैसे ही गाने बनाने की सलाह दी जैसी सफलता उन्होंने पहले दी थी, लेकिन वे ‘रॉकस्टार’ या ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ जैसी पुरानी सफलताओं के सहारे नहीं बैठ सकते। उनके मुताबिक, एक कलाकार को ठहरे हुए पानी की तरह नहीं बल्कि बहती हुई नदी की तरह होना चाहिए। उन्होंने ‘रामायण’ जैसी महागाथा के संगीत पर काम करने को अपने लिए गर्व का विषय बताया।
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‘मंगल रंग’ गाने पर भी विवाद: ‘रावण तांडव’ के बाद मेकर्स ने फिल्म का नया गाना ‘मंगल रंग’ रिलीज किया है, जिसके बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने महर्षि वाल्मीकि की रामायण में सूफी कव्वाली जैसी धुनों के इस्तेमाल पर कड़ा ऐतराज जताया है। यूजर्स का कहना है कि पौराणिक कथाओं में इस तरह के प्रयोग सांस्कृतिक जड़ों के खिलाफ हैं, हालांकि इस पर मेकर्स की ओर से अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया आना बाकी है।




